Lakhimpur Kheri: पुलिस ने खुद कराई किरकिरी, लूट का खुलासा नहीं कर पाई तो निकाला ये पैंतरा

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

लखीमपुर खीरी, अमृत विचार: थाना नीमगांव क्षेत्र में गोली मारकर बाइक सवार और उसकी पत्नी से हुई लूटपाट मामले का खुलासा करने में नाकाम पुलिस ने अपने हाथ खड़े कर दिए हैं। उसने करीब 23 दिन बाद घटनास्थल फरधान क्षेत्र का होने की आशंका जताई है। अफसरों के निर्देश पर पहुंची राजस्व विभाग की टीम ने पैमाइश की तो घटनास्थल नीमगांव थाने का ही निकला। इससे नीमगांव पुलिस की काफी किरकिरी हो रही है।

घटना 17 अक्टूबर को भदूरा-नीमगांव मार्ग पर थाना नीमगांव क्षेत्र के किशनपुर गांव के पास हुई थी। सीतापुर जिले के थाना हरगांव के गांव भदेवा निवासी सुमित अपनी पत्नी को लेकर अपनी उसके मायके थाना फरधान क्षेत्र के गांव रत्नापुर जा रहा था। शाम करीब सात बजे किशुनपुर गांव के नजदीक बंद पड़ी क्रेशर के पास तीन बाइक सवार लुटेरों ने सुमित को गोली मार दी थी, जिससे वह घायल हो गया था। 

बदमाश सुमित और उसकी पत्नी से नकदी व जेवर लूटकर भाग निकले थे। मामले की पीड़ित ने नीमगांव थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना के खुलासे में नीमगांव पुलिस के अलावा छह थानों की दस से अधिक टीमें लगी हुई हैं, लेकिन घटना 23 दिन बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। शाहजहांपुर, सीतापुर और हरदोई के साथ ही जिले से करीब 68 लोगों से पूछताछ के बाद भी पुलिस के हाथ ऐसे कोई क्लू नहीं आए जिससे पुलिस खुलासे के आसपास पहुंच सके। चारों तरफ से हताश पुलिस ने अब एक नया पैंतरा चल दिया, लेकिन यह दांव उसी पर भारी पड़ गया।

थाना फरधान व नीमगांव सीमा पर हुई वारदात  
दरअसल बाइक सवार दंपत्ति को गोली मारकर घायल करने की वारदात थाना फरधान और नीमगांव सीमा पर हुई है। तमाम प्रयासों के बाद थाना नीमगांव पुलिस को जब और कोई रास्ता दिखाई नहीं दिया तो उसने शनिवार को थाना संपूर्ण  समाधान दिवस में घटनास्थल को लेकर विवाद खड़ा कर दिया।

नीमगांव पुलिस का कहना था कि घटनास्थल थाना फरधान क्षेत्र का है, लेकिन फरधान पुलिस इसे मानने को तैयार नहीं हुई। नतीजतन अफसरों के निर्देश पर रविवार को राजस्व टीम मौके पर पहुंची और पैमाइश की। राजस्व निरीक्षक पूजा कनौजिया और हल्का लेखपाल महिला एसआई अंजना जायसवाल के साथ मौके पर पहुंची। टीम ने पैमाइश की तो घटनास्थल नीमगांव का निकला। इससे नीमगांव पुलिस की मंशा धरी की धरी रह गई। 

यह भी पढ़ें- लखीमपुर खीरी: न्याय नहीं मिला तो पानी की टंकी पर चढ़े दो युवक, अफसरों की अटकी रहीं सांसे

संबंधित समाचार