कोरोना का असर : अब 45 नहीं 35 दिन की होगी हज यात्रा, दोगुना हुआ खर्च
मुरादाबाद, अमृत विचार। कोरोना महामारी के चलते जहां एक तरफ कई धार्मिक यात्राओं व कार्यक्रमों पर पाबंदी लगी हुई है तो वहीं सऊदी सरकार ने भी हर साल होने वाली हज यात्रा में कई बदलाव किए हैं, जिसमें एक यह है कि सऊदी सरकार ने इस बार हज यात्रा में का समय कम कर दिया …
मुरादाबाद, अमृत विचार। कोरोना महामारी के चलते जहां एक तरफ कई धार्मिक यात्राओं व कार्यक्रमों पर पाबंदी लगी हुई है तो वहीं सऊदी सरकार ने भी हर साल होने वाली हज यात्रा में कई बदलाव किए हैं, जिसमें एक यह है कि सऊदी सरकार ने इस बार हज यात्रा में का समय कम कर दिया है। कोरोना महामारी से पहले हर हज यात्रा का समय 45 दिन का होता था।
हर साल ईद-उल-अजहा से पहले आजमीन हज यात्रा के लिए रवाना होते हैं। इसके बाद 45 दिन बाद हज का सफर पूरा करने के बाद वापस लौटते हैं, लेकिन इस बार सऊदी सरकार ने कोरोना महामारी की वजह से हज यात्रा का समय 35 दिन कर दिया है। इस समय 2021 में होने वाले हज के लिए आवदेन किए जा रहे हैं। आवेदन करने वालों को यह जानकारी दी जा रही है कि इस बार हज यात्रा का समय 45 दिन की जगह 35 दिन कर दिया है। सऊदी सरकार ने यह बदलाव कोरोना महामारी की वजह से किया है।
2022 से ज्यादा होनी चाहिए पासपोर्ट की वैधता
इस बार सऊदी सरकार ने हज यात्रा के लिए आने वाले आजमीनों के पासपोर्ट की वैधता भी ज्यादा मांगी है। हज के लिए आवेदन करने वाले आजमीनों के फार्म में एक बदलाव यह भी किया गया है कि आवेदन करने हज पर जाने वाले लोगों के पासपोर्ट की वैधता 2022 से ज्यादा होना चाहिए। अगर आप हज यात्रा के लिए आवेदन करने जा रहे हैं और अपके पासपोर्ट की वैधता 2022 तक ही है तो आप हज का मुकद्दस सफर नहीं कर पायेंगे।
हज की यात्रा करना लगभग दोगुना हुआ
सऊदी सरकार ने हज यात्रा में इस बार नियमों में बदलाव के साथ खर्च भी महंगा कर दिया है। बीते सालों में हज की यात्रा लगभग ढाई लाख में पूरी हो जाती है, लेकिन इस बार हज का खर्चा लगभग चार लाख से ज्यादा होगा। जिसके चलते इस बार पहली किस्त एक लाख 50 हजार जमा होगी। इससे पहले यह किस्त 75 हजार जमा होती थी। बताया कि जिन लोगों का नाम हज यात्रा में जाने के लिए आ जायेगा, उन लोगों को जनवरी में हज यात्रा की पहली किस्त एक लाख 50 हजार देनी होगी। इसके बाद दूसरी किस्त 2 लाख 80 हजार जमा करने होंगे।
खर्च के लिए मिलेंगे सिर्फ 15 रियाल
हज यात्रा पर जाने वाले लोगों को वहां पर खरीदारी करने के लिए सऊदी सरकार द्वारा 21 रियाल दिए जाते थे, जिससे आजमीन अपने व परिवार के लिए खरीदारी कर लिया करते थे, लेकिन इस बार हज पर आने वाले आजमीनों को सिर्फ 15 रियाल ही मिलेंगे। जिससे हज पर जाने वाले आजमीनों के चहरे पर काफी मायूसी छा गई है।
हज ट्रेनर खुसरो फैसल राजा ने बताया कि इस बार कई बदलाव के साथ-साथ हज यात्रा का खर्चा भी बहुत कर दिया गया है। साथ ही हज यात्रा का समय भी 45 दिन की जगह 35 दिन कर दिया है। हज के दौरान खर्च करने वाले रियाल भी इस बार 15 ही दिए जायेंगे। इन सब को देखकर लग रहा है कि इस बार हज पर जाने वाले आजमीनों की संख्या कम रहेंगी।
