बरेली: दहेज प्रताड़ना का दंश झेल रहीं महिलाएं
बरेली, अनिल कुमार। जमाना चाहे कितना भी बदल जाए लेकिन दहेज को लेकर ज्यादातर लोगों की सोच अभी भी नहीं बदली है। लोग दहेज को अपना जन्म सिद्ध अधिकार समझते हैं लेकिन इसका दंश महिलाओं को झेलना पड़ता है। यही वजह है कि दहेज प्रताड़ना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। बरेली में रोजाना …
बरेली, अनिल कुमार। जमाना चाहे कितना भी बदल जाए लेकिन दहेज को लेकर ज्यादातर लोगों की सोच अभी भी नहीं बदली है। लोग दहेज को अपना जन्म सिद्ध अधिकार समझते हैं लेकिन इसका दंश महिलाओं को झेलना पड़ता है। यही वजह है कि दहेज प्रताड़ना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
बरेली में रोजाना औसतन 5 मामले दहेज अधिनियम, घरेलू हिंसा और दहेज हत्या के दर्ज हो रहे हैं। ये तो वे मामले हैं जिनमें एफआईआर दर्ज हुई है। इसके अलावा भी रोजाना कई महिलाएं पुलिस अधिकारियों व थानों के चक्कर लगाती रहती हैं। ऐसे मामलों को परामर्श केंद्र भेज दिया जाता है। वहीं, कई मामले ऐसे भी होते हैं जो पुलिस तक पहुंच ही नहीं पाते।
बरेली पुलिस के रिकार्ड इसकी पुष्टि कर रहे हैं। इस वर्ष दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा और दहेज हत्या से जुड़े करीब 1179 मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं, बीते वर्ष यह आंकड़ा 1623 तक पहुंच गया था। इस वर्ष कोरोना की वजह से कुछ कमी आयी है लेकिन दहेज हत्या के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। जहां पिछले वर्ष दहेज हत्या के 30 मुकदमे दर्ज हुए थे, वहीं इस बार यह आंकड़ा 41 हो गया है। इनकी संख्या कोरोना काल में ही ज्यादा बढ़ी क्योंकि कोरोना काल में झगड़े के दौरान कई पीड़िताओं ने खुदकुशी कर ली।
केस 1-
घर से खर्चा नहीं लायी तो किया प्रताड़ित
सुभाष नगर के गणेश नगर निवासी पूजा की शादी सवा साल पहले गणेश नगर के ही अंकुर से हुई थी। पूजा का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसे दहेज में कम रुपये लाने को लेकर प्रताड़ित किया जाने लगा। उससे मायके से रुपये लाने के लिए प्रताड़ित किया जाता था। उसने एक बेटी को जन्म दिया तो भी उसे ताना दिया गया। आरोप है कि 7 नवंबर को उसके ससुराल वाले मायके आ गए और अंकुर की दूसरी शादी करने की धमकी दी। मामला परिवार परामर्श केंद्र भेज दिया गया है।
केस 2-
नकदी और बाइक के लिए घर से निकाला
हाफिजगंज के सेंथल निवासी शब्बो की शादी 6 साल पहले बॉबी से हुई थी। शब्बो का आरोप है कि उसे दहेज में नकदी और बाइक के लिए प्रताड़ित किया गया। काफी समझाने के बाद भी बात नहीं बनी। 8 नवंबर को पंचायत भी हुई लेकिन अब पति दूसरी जगह शादी करने की धमकी दे रहा है। मंगलवार को उसने एसएसपी ऑफिस में शिकायत की जहां से मामला परिवार परामर्श केंद्र भेज दिया गया।
ये दो केस मंगलवार को ही एसएसपी आफिस में शिकायत लेकर पहुंचे। ऐसे ही एक दर्जन से अधिक केस दहेज से जुड़े एसएसपी ऑफिस में पहुंचते हैं। ज्यादातर मामलों को परामर्श केंद्र में समझौते के लिए भेज दिया जाता है। ऐसा केस जिसमें मामला गंभीर होता है, उसमें संबंधित थाने को एफआईआर दर्ज करा दी जाती है। उसके बाद भी मामले में समझौते के प्रयास किए जाते हैं ताकि किसी का परिवार न उजड़े।
उसके बाद मामला कोर्ट में जाता है। वहां भी परिवार को मिलाने के प्रयास किए जाते हैं। जिस तरह से मामले आ रहे हैं, उससे तो साफ लग रहा है कि लोग छोटी-छोटी बात पर झगड़ा करते हैं। कई बार पति-पत्नी में मामूली विवाद होता है और फिर वह दहेज उत्पीड़न का आरोप लगा देते हैं। पहले लोग संयुक्त परिवार में रहते थे तो परिवार के लोग इन झगड़ों को निपटा देते थे लेकिन अब सभी अलग-अलग रहते हैं। इसकी वजह से मामला पुलिस तक पहुंच जाता है। एक बार मामला बिगड़ने पर कोई भी समाधान नहीं होता है।
दहेज व प्रताड़ना से जुड़े मामले
आईपीसी की धारा 2019 2020
3 व 4 दहेज मांगना 586 525
498 ए, दहेज प्रताड़ना 1137 613
304 बी, दहेज हत्या 30 41
