केंद्र ने ULFA पर प्रतिबंध पांच साल के लिए बढ़ाया, पहली बार 1990 में घोषित किया गया था प्रतिबंधित संगठन

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

नई दिल्ली। केंद्र ने असम को भारत से अलग करने के उद्देश्य से काम करने तथा जबरन वसूली और हिंसा के लिए अन्य उग्रवादी समूहों के साथ संबंध बनाए रखने के कारण ‘यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम’ (उल्फा) पर सोमवार को प्रतिबंध पांच साल के लिए बढ़ा दिया। उल्फा को पहली बार 1990 में प्रतिबंधित संगठन घोषित किया गया था और तब से प्रतिबंध को समय-समय पर बढ़ाया जाता रहा है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा कि उल्फा अपने सभी गुटों, शाखाओं और संगठनों के साथ ऐसी गतिविधियों में शामिल रहा है, जो भारत की संप्रभुता और अखंडता के लिए खतरा हैं। इसमें कहा गया है कि उल्फा ने असम को भारत से अलग करने के अपने उद्देश्य की घोषणा की है, अपने संगठन के लिए लगातार धन की उगाही कर रहा है तथा जबरन वसूली और हिंसा के लिए अन्य उग्रवादी समूहों के साथ संबंध बनाए हुए है।

अधिसूचना के मुताबिक, उल्फा के पास अवैध हथियार और गोला-बारूद है तथा उसके खिलाफ 27 नवंबर, 2019 से 1 जुलाई, 2024 की अवधि के दौरान असम में विस्फोट या विस्फोटक लगाने के कई मामलों सहित 16 आपराधिक मामले हैं।

ये भी पढ़ें- बांग्लादेश में ISKCON के चिन्मय प्रभु गिरफ्तार, हिंदुओं के समर्थन में की थी रैली

संबंधित समाचार