पीलीभीत: धान खरीद में कागजों पर उछाल के पीछे किसान के अंगूठे का कमाल...जानिए पूरा खेल

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
On

क्रय केंद्र पर बिना धान के ही पहुंच रहे किसान, दिनभर अधिकांश क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा 

पीलीभीत, अमृत विचार। धान खरीद में खेल तेज होता दिखाई दे रहा है। दिनभर अधिकांश क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहता है। लेकिन दैनिक खरीद के लक्ष्य के साथ ही आंकड़ों में उछाल भी बरकरार है। जिसे लेकर तमाम सवाल उठ रहे हैं। इस उछाल को लेकर अब एक नई तस्वीर क्रय केंद्रों से सामने आई है। जिसमें कागजों पर बढ़ती खरीद के पीछे किसान के अंगूठे का कमाल माना जा रहा है। बिना धान के ही केंद्रों पर किसान पहुंचकर अंगूठे लगाते दिखाई दे रहे हैं। वहीं, कथित बिचौलियों की भी केंद्रों के आसपास दस्तक बनी हुई है।  जिम्मेदारों के दावों पर प्रश्नचिह्न लगाती तस्वीर मंडी समिति में स्थापित खाद्य विभाग के क्रय केंद्र से कैमरे में कैद हुई तो खलबली मच गई। सवाल जवाब हुए तो जिम्मेदार भी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, वहीं अंगूठे लगाने आए किसान को भी कथित बिचौलिये वाहन में बैठाकर निकल गए।

बता दें कि पिछली बार हुई धान खरीद में सूने सेंटरों पर किसानों के बिना धान पहुंचकर अंगूठे लगाने की तस्वीर उजागर हुई थी।  इस बार का नजारा भी कुछ ऐसा ही प्रतीत हो रहा है। शनिवार सुबह अमृत विचार की टीम मंडी समिति पीलीभीत पहुंची। क्रय केंद्रों पर पूर्व के खरीदे गए धान का स्टॉक टिनशेड में लगा हुआ था। केंद्रों पर सन्नाटा पसरा हुआ था। मगर उसके आसपास कुछ लोग खड़े हुए थे। इसी बीच खाद्य विभाग के एक सेंटर पर एक किसान पहुंचता है। उससे क्रय केंद्र प्रभारी बातचीत करते हैं और कुछ कागजात देखे जाते हैं। इसके बाद किसान का अंगूठा मशीन में लगवाया गया। फिर किसान वापस जाने लगा। जब किसान से सवाल किया गया तो वह भी चुप्पी साध गया। उसके साथ आया एक व्यक्ति उसे कुछ भी बोलने से मना करता रहा और फिर अपनी बाइक पर बैठाकर चला गया। कई अन्य इसी तरह से अंगूठा लगाने के लिए पहुंचे। लोगों ने वीडियो बनता देखा तो वह भी इधर-उधर चले गए। कुछ अन्य केंद्रों पर भी इसी तरह से तस्वीर उजागर हुई। इसे लेकर कोई भी संतोषजनक जवाब देने को तैयार नहीं। अगर सब कुछ पारदर्शिता से ही चल रहा है तो चुप्पी क्यों? खास बात ये भी है कि हर साल धान खरीद में इस तरह के आरोप लगते हैं और जिम्मेदारों की ओर से दावे किए जाते हैं। मगर पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ठोस निगरानी तक नहीं कराई जा सकी है।

केंद्र प्रभारी बोले- धान दो दिन पहले आया था..अंगूठा आज लगवाया
खाद्य विभाग के जिस क्रय केंद्र पर किसानों के बिना धान अंगूठा लगाने की तस्वीर कैमरे में कैद हुई। वहां के प्रभारी से जब इसकी जानकारी करनी चाही तो वह खुद घिरते दिखाई दिए। उनका कहना था कि अभी जो किसान आया था, उसका दो दिन पहले धान खरीदा जा चुका था। अंगूठा लगने से रह गया था, इसलिए आज बुलाया था। मगर, कितना धान खरीदा गया और किसान का नाम क्या था। इसे लेकर कोई भी जानकारी नहीं दे सके।  जिससे संदिग्धता और बढ़ गई। अगर केंद्र प्रभारी की बात को ही सच मान लिया जाए तो क्या ये धान खरीद प्रक्रिया के अंतर्गत आता है कि पहले धान ले लिया जाए और उसके दो दिन बाद किसान को बुलाकर अंगूठा लगवाकर खरीद दर्शाई जाए।

ये भी पढ़ें - पीलीभीत: छेड़छाड़ से आहत होकर किशोरी ने पीया तेजाब, दो आरोपी हिरासत में

संबंधित समाचार