लखीमपुर खीरी : दुधवा की खुली हवा में सांस लेने पहुंच गए अब तीन गैंडे
रेडियो कॉलर के जरिए की जा रही सभी की मॉनिटरिंग
पलिया कलां, अमृत विचार। दुधवा टाइगर रिजर्व उत्तर प्रदेश का एकलौता ऐसा टाइगर रिजर्व बन गया है ,जहां एक सींग वाले गैंडे भी अब खुली हवा में स्वच्छंद हो चैन की सांस ले सकेंगे। इसी कड़ी में आज एक और मादा गैंडा रेस्क्यू कर खुले जंगल में छोड़े जाने के बाद अब इनकी संख्या तीन पहुंच गई है।
इस अभिनव प्रयोग की शुरुआत दुधवा टाइगर रिजर्व में गुरुवार से हुई जब दक्षिण सोनारीपुर रेंज के ककरहा ताल वाले सलूकापुर परिक्षेत्र से रघु नाम के एक गैंडे को रेडियो कालर लगाकर खुले जंगल में छोड़ा गया। इसके बाद शुक्रवार को जहां विजयश्री नाम की मादा गैंडा को पकड़ खुले वन में छोड़ा गया, वहीं शनिवार को दीपाली नाम की मादा गैंडा को भी असम से आई एक्सपर्ट टीम ने रेस्क्यू कर पकड़ा और इसके बाद दुधवा के चिकित्सक डॉक्टर दयाशंकर सहित डॉ योगेश कुमार व डा. दीपक कुमार ने उसके स्वास्थ्य का परीक्षण कर रेडियो कालर लगाया। इसके बाद उसे भी एक ट्राली पर लादकर तारवाड़ से बाहर लाया गया और उसके बाद उसे खुले जंगल में वहीं छोड़ दिया गया जहां इससे पूर्व दो अन्य गैंडे छोड़े गए थे। इस बाबत अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर ललित कुमार वर्मा ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि अब तक एक नर व दो मादा गैंडा रेडियो कॉलर लगाकर जंगल में छोड़े जा चुके हैं और अभी एक और मादा गैंडा को पकड़कर इसी जंगल में छोड़ा जाना है । उन्होंने बताया कि जंगल में छोड़े गए सभी गैंडों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। डब्ल्यू डब्ल्यू एफ की टीम सहित चिकित्सकों की टीम का भी उन्होंने दिए जा रहे सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
