बरेली: माइक्रो मैनेजमेंट के दम पर चुनावी नैया पार लगाने की तैयारी में भाजपा

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। भाजपा ने हर हाल में शिक्षक विधान परिषद सदस्य के चुनाव में बाजी मारने के लिए ताकत झोंक दी है। इसके लिए पार्टी ने सूक्ष्म प्रबंधन कार्ययोजना (माइक्रो मैनेजमेंट प्लान) तैयार की है। शिक्षक एमएलसी के चुनाव की नैया पार लगाने के लिए जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को चुनाव में जोर लगाने …


बरेली, अमृत विचार। भाजपा ने हर हाल में शिक्षक विधान परिषद सदस्य के चुनाव में बाजी मारने के लिए ताकत झोंक दी है। इसके लिए पार्टी ने सूक्ष्म प्रबंधन कार्ययोजना (माइक्रो मैनेजमेंट प्लान) तैयार की है। शिक्षक एमएलसी के चुनाव की नैया पार लगाने के लिए जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को चुनाव में जोर लगाने का निर्देश दिया गया है।


केंद्र व प्रदेश में सरकार, उप चुनाव में जीत और बिहार में फिर से परचम फहराने के बाद भाजपा का मनोबल बढ़ता नजर आ रहा है। अब प्रदेश में शिक्षक और स्नातक एमएलसी का चुनाव हो रहा है। बरेली-मुरादाबाद खंड निर्वाचन का शिक्षक विधान परिषद सदस्य का चुनाव हो रहा है। इसके लिए भाजपा ने राजनीति के क्षेत्र में लंबा अनुभव रखने वाले डा. हरि सिंह ढिल्लों को मैदान में उतारा। एक-एक वोट पर नजर रखने के लिए भाजपा ने माइक्रो मैनेजमेंट प्लान बनाया है। इसके जरिए चुनाव जीत कर विधान परिषद में अपनी संख्या में बढ़ोतरी करना चाह रही है क्योंकि अभी विधान परिषद में सपा के मुकाबले भाजपा पीछे है।

भाजपा के रणनीतिकारों का मनना है कि पार्टी के पक्ष में अच्छा माहौल है। इस बीच हो रहे चुनाव में विधान परिषद में अपनी ताकत को बढ़ा लें। पार्टी ने विधान परिषद के चुनाव का कैलेंडर जारी किया है। इसके तहत ही सभी जन प्रतिनिधियों,पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को प्रचार-प्रसार करने को कहा गया। पोलित स्टेशन के नजदीक किसी जगह पर बैठक करने का खाका तैयार किया गया है। छोटी-छोटी टोलियां बनाकर प्रत्येक मतदाता के पास पहुंचना है। इनके मोबाइल नम्बर के साथ विद्यालय के प्रधानार्चाय और प्रबंधक के बारे में भी जानकारी जुटानी है।

विधायक और सांसद अपने-अपने क्षेत्र के विद्यालयों के प्रधानाचार्य और प्रबंधक से संपर्क करेंगे। भाजपा के पक्ष में मतदान करने को कहेंगे। वोटर पर्ची प्रत्येक मतदाता के पास पहुंचाने का कार्य करेंगे। चुनाव के दिन मतदाता कैसे पोलित स्टेशन पर वोट के लिए जाएंगे, इसके लिए प्रेरित करना होगा। हर रोज किसी ने किसी मतदाता से मोबाइल पर बात करनी होगी। पोलिंग एजेंट क्षेत्र के ऐसे व्यक्ति को बनाया जाएगा जो प्रभावशाली हो। इसके लिए चुनाव के प्रभारी और संगठन के पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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