रबड़ फैक्ट्री: जमीन के लिए नए केस दाखिल करने को मिली मंजूरी, शासन को भेजा गया था प्रस्ताव

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Edited By Amrit Vichar
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बॉम्बे हाईकोर्ट और डीआरटी में दायर होंगे नए वाद, मंडलायुक्त की ओर से शासन को भेजा गया था प्रस्ताव

बरेली, अमृत विचार: रबड़ फैक्ट्री की जमीन वापस लेने के लिए शासन ने जिला प्रशासन को बॉम्बे हाईकोर्ट के साथ डीआरटी (ऋण वसूली न्यायाधिकरण) में भी अलग वाद दर्ज कराने की मंजूरी दे दी है। हाईकोर्ट में केस की पैरवी के लिए मुंबई के दो वरिष्ठ अधिवक्ताओं को हायर करने की भी अनुमति दे दी है। शासन से अनुमति मिलने के बाद जिला प्रशासन ने दोनों कोर्ट में नया वाद दाखिल करने की तैयारी शुरू कर दी है।

फतेहगंज पश्चिमी में करीब 25 साल से बंद पड़ी रबड़ फैक्ट्री की करीब 13 सौ एकड़ जमीन है। करीब 18 सौ करोड़ की इस जमीन पर निजी कंपनी अलकेमिस्ट ने पहले से दावा ठोक रखा है। इस जमीन पर राज्य सरकार का दावा मजबूत करने के लिए मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल की ओर से बॉम्बे हाईकोर्ट और डीआरटी में नए सिरे से अलग-अलग वाद दायर करने का प्रस्ताव 17 सितंबर को प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास को भेजा गया था। इसके बाद 23 सितंबर को यूपीसीडा के क्षेत्रीय प्रबंधक मंसूर कटियार की ओर से भी उप सचिव औद्योगिक विकास को पत्र लिखकर मंडलायुक्त की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर विचार करने का आग्रह किया गया था।

करीब सवा दो महीने बाद मंडलायुक्त की ओर से भेजे गए प्रस्ताव को शासन ने मंजूरी दे दी है। इसके बाद जिला प्रशासन को नए सिरे से वाद दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासनिक स्तर पर इसकी तैयारी भी शुरू हो गई है। बता दें कि फतेहगंज पश्चिमी में रबड़ फैक्ट्री स्थापित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से 1960 के दशक में मुंबई के सेठ किलाचंद को 3.40 लाख रुपये लेकर 1382.23 एकड़ भूमि लीज पर दी गई थी। लीज डीड में शर्त शामिल की गई थी कि फैक्ट्री बंद होने पर सरकार जमीन वापस ले लेगी लेकिन 15 जुलाई 1999 को फैक्ट्री बंद हुई तो राज्य सरकार उस पर कब्जा नहीं ले सकी।

पहले से विचाराधीन केस में पक्षकार है राज्य सरकार
बॉम्बे हाईकोर्ट में पिटीशन नंबर 999/2020 अलकेमिस्ट एसेट्स रिकंस्ट्रक्शन लिमिटेड बनाम मेसर्स सिंथेटिक एंड केमिकल्स लिमिटेड व अन्य के केस में राज्य सरकार पक्षकार है। राज्य सरकार की ओर से हस्तक्षेप आवेदन के दाखिल किए जाने के बाद से लगातार तारीखें पड़ रही हैं। सभी पक्षों से बहस भी हो चुकी है लेकिन केस अभी विचाराधीन है। इसमें भी सरकार मजबूत पैरवी कर रही है। एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अनिल सी सिंह ने कई तारीखों पर मुंबई जाकर पैरवी की है।

आदित्य ठक्कर और सौभाग्य अग्रवाल करेंगे पैरवी
याचिका तैयार कराने के साथ नए केस में पैरवी के लिए जिला प्रशासन की ओर से बॉम्बे हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य ठक्कर और सौभाग्य अग्रवाल को नामित किया गया है। मंडलायुक्त ने शासन से इन दोनों वकीलों को भी केस से आबद्ध करने की इजाजत मांगी थी जो दे दी गई है।

अफसरों ने बैठक कर आगे उठाए जाने वाले कदमों के बारे में की बातचीत
शासन से अनुमति मिलने के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट और डीआरटी में वाद दायर कराने के संबंध में बुधवार शाम मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने संबंधित विभागों के अफसरों के साथ वर्चुअल बैठक की। इसमें नए केस की पैरवी के लिए हायर किए गए मुंबई के दोनों वकील भी शामिल हुए। बैठक में महाप्रबंधक विधि मुख्यालय यूपीसीडा कानपुर, जिलाधिकारी रविंद्र कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त और यूपीसीडा के क्षेत्रीय अधिकारी के साथ आगे उठाए जाने वाले कदमों के बारे में बात की गई।

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