Bareilly: 10 दिन से लेखपाल लापता, परिजनों कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन...अपहरण का आरोप

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार: फरीदपुर के गांव खल्लपुर में ग्राम समाज की जमीन के बड़े घोटाले की जांच कर रहे लेखपाल मनीष चंद्र कश्यप 10 दिन पहले रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए। शुक्रवार को परिवार वालों ने उनके अपहरण का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। एडीजी, कमिश्नर, डीएम और एसएसपी के सामने परिजनों ने फरीदपुर तहसील के अधिकारियों और पुलिस पर भी साठगांठ का आरोप लगाया।

मनीष चंद्र कश्यप की मां मोरकली और पत्नी जमुना देवी समेत उनके परिजन शुक्रवार दोपहर जिला मुख्यालय पहुंचे। कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन के दौरान एनआईसी से शासन के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस कर लौट रहे उच्चाधिकारियों का काफिला उन्हें देखकर रुक गया। एडीजी रमित शर्मा, कमिश्नर सौम्या अग्रवाल, आईजी डॉ. राकेश सिंह, डीएम रविंद्र कुमार और एसएसपी अनुराग आर्य ने उनसे बात की तो लेखपाल की मां मोरकली ने उन्हें बताया कि उनके बेटे फरीदपुर तहसील के खल्लपुर क्षेत्र के लेखपाल हैं। वह 27 नवंबर की सुबह नौ बजे घर से खल्लपुर गए थे, लेकिन लौटे नहीं। उनका मोबाइल भी लगातार बंद है।

उन्होंने बताया कि तलाश करने के बाद भी कुछ पता न चलने पर उन्होंने थाना फरीदपुर में गुमशुदगी दर्ज कराई। तबसे वे लोग कई बार थाने जा चुके हैं लेकिन पुलिस उनके बेटे को तलाश करने के लिए कुछ नहीं कर रही है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने लेखपाल के परिजनों को आश्वासन दिया कि 24 घंटे के अंदर लेखपाल का सुराग लगाया जाएगा और कार्रवाई की जाएगी।

रोते हुए बेहोश होकर गिरी मां, डीएम ने भिजवाया जिला अस्पताल, सीएमओ को भी फोन किया
अधिकारियों के आगे रोते हुए बेटे को तलाश कराने की फरियाद कर रही मोरकली अचानक बेहोश होकर गिर गईं। डीएम रविंद्र कुमार ने उन्हें संभाला और कोतवाली पुलिस की गाड़ी से जिला अस्पताल भिजवाया। सीएमओ को भी फोन कर मोरकली का ठीक से इलाज कराने के निर्देश दिए। इस पर सीएमओ फौरन इमरजेंसी पहुंचे। मोरकली की जांच कर रहे ईएमओ डॉ. वैभव से सीएमओ ने उनकी हालत के बारे में पता किया तो उन्होंने बताया कि मोरकली ने 10 दिनों से कुछ खाया नहीं था। इसी वजह से बेहोश होकर गिर गईं। इलाज के बाद उनकी हालत स्थिर है।

आरोप : कई बार धमका चुका था प्रधान, 4 नवंबर को की थी मारपीट, पुलिस ने नहीं कोई कार्रवाई
पत्नी जमुना देवी ने बताया कि खल्लपुर गांव की ग्राम समाज की काफी जमीन पर ग्राम प्रधान और उसके सहयोगियों ने कब्जा कर लिया है। शिकायत होने के बाद उनके पति ने जांच की तो शिकायत सच पाई गई। वह 4 नवंबर को खल्लपुर गांव गए थे। रिपोर्ट तैयार कर लौट रहे थे। रास्ते में सितारगंज गांव के पास कुछ लोगों ने घेरकर उनके साथ मारपीट की थी।

उस वक्त भी मनीष ने थाने में तहरीर दी थी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जमुना देवी का कहना है कि अगर पुलिस ने तब एक्शन लिया होता तो मनीष लापता नहीं होते। उन्होंने बताया कि मनीष उन्हें बताते थे कि प्रधान और उसके गुर्गे अपने पक्ष में रिपोर्ट लगवाने के लिए धमकाते हैं, कभी रिश्वत का भी लालच देते हैं, लेकिन उन्होंने रिश्वत लेने से इन्कार कर दिया था। इससे प्रधान और उसके लोग बौखलाकर धमकी देने लगे थे। जमुना देवी ने बताया कि मनीष जिस दिन खल्लपुर गए थे, उस दिन 11 बजे फोन पर बात हुई थी। शाम को 5 बजे दोबारा कॉल की तो मोबाइल बंद था। तब से उनका कोई पता नहीं है।

दो-तीन दिन में प्रशासन को सौंपने वाले थे रिपोर्ट
जमुना ने फोन पर बताया कि उनके पति सही रिपोर्ट तैयार कर रहे थे। खल्लपुर के प्रधान और उसके सहयोगी अपने हक में रिपोर्ट लगवाने का दबाव बना रहे थे, लेकिन मनीष ने सही रिपोर्ट तैयार कर ली थी। दो-तीन दिन में रिपोर्ट प्रशासन को सौंपने वाले थे। इससे पहले ही उनका अपहरण कर गायब कर दिया गया। जमुना देवी ने बताया कि मनीष के साथ जो दस्तावेज थे, उन्हें भी गायब कर दिया गया है। कई बार थाने और तहसील जाने के बाद भी कहीं सुनवाई नहीं हुई तब वे लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे।

एसपी क्राइम को लेखपाल को तलाश करने की मुहिम की निगरानी का निर्देश
लेखपाल के परिजनों के प्रदर्शन के बाद एडीजी रमित शर्मा ने एसपी क्राइम मुकेश प्रताप सिंह को अपने कार्यालय बुलाकर घटना का खुलासा करने के निर्देश दिए। उन्होंने एसएसपी अनुराग आर्य को भी एसओजी, सर्विलांस और दूसरी टीमों का गठन कर लेखपाल मनीष चंद्र की तलाश में लगाने के निर्देश दिए। प्रदर्शन के बाद एडीजी कार्यालय पहुंची लेखपाल के परिवार की महिलाओं ने फरीदपुर पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए तो एडीजी ने विवेचना बदलवाने के बी निर्देश दिए। एडीजी ने एसओजी प्रभारी को पीड़ित परिवार को खाना खिलवाने को कहा। एसपी क्राइम से कहा कि लेखपाल की तलाश करने वाली टीमों का निर्देशन वह खुद करें।

लेखपाल को तलाश किया जा रहा है। परिजन जिस-जिस का नाम ले रहे हैं, उनसे पूछताछ की जा रही है। संज्ञान में आया है कि लेखपाल शराब भी पीते थे। पुलिस उन्हें तलाश कर रही है- मुकेश चंद्र मिश्रा, एसपी उत्तरी।

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