लखीमपुर खीरी: पिता व दो बेटों की आत्महत्या मामला...अधिवक्ता बोले-आरोपी पुलिसकर्मी हों गिरफ्तार

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
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पुलिस कर्मियों को निलंबित व लाइन हाजिर किए जाने को बताया मजाक 

लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के सदस्य पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार शुक्ल ने कहा कि पिता-पुत्रों की आत्महत्या में जितनी भूमिका उनकी रिश्तेदार महिला सिपाही की है। उतनी ही भूमिका स्थानीय पुलिसकर्मियों की भी रही है। जिन्हें निलंबित व लाइन हाजिर करना क्रूर मजाक है। उन्होंने सोमवार को तमाम अधिवक्ताओं के साथ एसपी को एक ज्ञापन सौंपा और गिरफ्तारी कराने की मांग की है।

बार काउंसिल के सदस्य पूर्व चेयरमैन अजय कुमार शुक्ल तमाम अधिवक्ताओं के साथ एसपी गणेश प्रसाद से उनके कार्यालय पर मिले। उन्होंने कहा कि थाना मैलानी के गांव बाबूपुर में तीन दिन पहले गांव निवासी रामनरेश और उसके दो बेटों ने 24 घंटे के भीतर अपनी ही रिश्तेदार महिला सिपाही आरती निगम व उसके परिजनों के उत्पीड़न से परेशान होकर आत्महत्या की। इस प्रकरण में जितनी भूमिका महिला सिपाही आरती निगम व उसके परिजनों की है। उतनी ही स्थानीय बांकेगंज चौकी पुलिस की भी भूमिका रही है। चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर और सिपाही अजय पांडेय को निलंबित करना क्रूर मजाक है। अधिवक्ता महासंघ के उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सूर्यवंशी ने चेतावनी दी कि अधिवक्ता समाज पुलिस अत्याचार के सामने मूकदर्शक नहीं रहेगा। इससे पूर्व भी पुलिस उत्पीड़न के कारण जनपद में आत्महत्या की घटना हो चुकी हैं। उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी कराने के लिए सड़क से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक संघर्ष करने की चेतावनी दी। दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एक ज्ञापन भी सौंपा। एसपी ने प्रभावी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस दौरान अफताब अहमद, ऊषा वर्मा, मनोज प्रजापति, हिमांशु तिवारी, राम गोपाल पांडेय, आशुतोष त्रिवेदी, दिव्यांशु पांडेय, उत्तम राज आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।

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