एक नए विश्व रिकॉर्ड के लिए तैयार हुई अयोध्या
आज अयोध्या आगमन पर श्री राम का सीएम व राज्यपाल करेंगे अगवानी रामलला के दरबार समेत दीपों से आलोकित होगा कोना कोना अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के 14 वर्ष के वनवास और लंका विजय के बाद अयोध्या आगमन के पर्व पर एक बार फिर से प्रदेश की योगी सरकार ने एक नए विश्व …
आज अयोध्या आगमन पर श्री राम का सीएम व राज्यपाल करेंगे अगवानी
रामलला के दरबार समेत दीपों से आलोकित होगा कोना कोना
अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के 14 वर्ष के वनवास और लंका विजय के बाद अयोध्या आगमन के पर्व पर एक बार फिर से प्रदेश की योगी सरकार ने एक नए विश्व रिकॉर्ड की तैयारी की है। राम की पैड़ी से लेकर सरयू के घाटों पर लाखों दीप सज गए हैं। आज प्रदेश की राज्यपाल और मुख्यमंत्री सरयू तट पर पुष्पक विमान से आ रहे श्री राम सीता और लक्ष्मण का स्वागत करेंगे। राम का राज्याभिषेक होगा और रामलला के दरबार समेत कोना कोना दीपों से आलोकित किया जाएगा। सुप्रीम फैसले के बाद एक बार फिर से प्रदेश सरकार ने अपने ही सबसे ज्यादा दीप प्रज्वलन के रिकॉर्ड को तोड़कर एक नए विश्व रिकॉर्ड कायम करने की तैयारी की है।
लगभग 500 वर्ष पुराने अयोध्या विवाद में जमीन के मालिकाना हक को लेकर देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने मालिकाना हक का फैसला विराजमान रामलला के पक्ष में दिया है। फैसले के साथ ही जन्म भूमि पर श्री राम का भव्य दिव्य मंदिर बनने की राह प्रशस्त हो गई है।
सुप्रीम फैसले पर केंद्र सरकार मंदिर निर्माण और उसकी देखरेख के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन कर चुकी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों मंदिर निर्माण के लिए शिलान्यास संपन्न हो चुका है। वैसे तो प्रदेश की योगी सरकार सत्ता में आने के बाद से ही राम नगरी के त्रेता कालीन वैभव को फिर से विश्व पटल पर लाने के लिए प्रतिवर्ष दीपोत्सव का आयोजन कर रही है लेकिन सुप्रीम फैसले के बाद इस बार दीपोत्सव को और भी ऐतिहासिक बनाने की तैयारी की गई है। दीपोत्सव कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने के लिए गुरुवार को देहात क्षेत्र के सैकड़ों पौराणिक, धार्मिक स्थलों समेत चौक चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर बिजली के झालरों की लाइटिंग की गई और दीप जलाए गए। मुख्य पर्व पर शुक्रवार को रामलला के दरबार समेत पूरे जनपद में दीप जलाए जाने की तैयारी है। कार्यक्रम की शुरुआत रामायण कालीन प्रसंगों और कलाकारों के मंचन से युक्त झांकी के निकलने से होगी। मुख्यमंत्री और राज्यपाल रामलला के दरबार में हाजिरी लगाएंगे और सरयू तट पर राम सीता और लक्ष्मण के स्वरूप का स्वागत अभिनंदन होगा। राम के राज्याभिषेक के बाद सरयू की आरती होगी और राम की पैड़ी पर सज कर तैयार साढ़े 5 लाख से ज्यादा दीपों को प्रज्वलित कर एक नया विश्व रिकॉर्ड कायम किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर राम नगरी की अयोध्या की सीमाएं सील कर दी गई है और जगह-जगह पुलिस का कड़ा पहरा बिठाया गया है। कोरोनावायरस के चलते आप लोगों का कार्यक्रम में सहभाग प्रतिबंधित किया गया है लेकिन लोगों तक कार्यक्रम को पहुंचाने के लिए लाइव प्रसारण के साथ अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं। पूरे क्षेत्र को जगमगाती लाइटों, होर्डिंग, बैनर तथा एलईडी स्क्रीन और वाल से पाट दिया गया है
