बरेली: भैया दूज कल, जानिए शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
बरेली, अमृत विचार। भाई दूज का त्योहार कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की द्वितीया को मनाया जाता है। सोमवार को भाई दूज का त्योहार मनाया जाएगा। यह त्योहार दीवाली के दो दिन बाद मनाया जाता है। हिन्दू धर्म में भाई-बहन के स्नेह-प्रतीक के रूप में दो त्योहार मनाये जाते हैं। पहला रक्षाबंधन जो कि श्रावण मास …
बरेली, अमृत विचार। भाई दूज का त्योहार कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की द्वितीया को मनाया जाता है। सोमवार को भाई दूज का त्योहार मनाया जाएगा। यह त्योहार दीवाली के दो दिन बाद मनाया जाता है। हिन्दू धर्म में भाई-बहन के स्नेह-प्रतीक के रूप में दो त्योहार मनाये जाते हैं। पहला रक्षाबंधन जो कि श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इसमें भाई बहन की रक्षा करने की प्रतिज्ञा करता है।
दूसरा त्योहार भाई दूज का होता है भाई दूज को भाऊ बीज, टीका, यम द्वितीय और भातृ द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है। इसमें बहनें, भाई की लम्बी आयु की प्रार्थना करती हैं। अगर इस दिन कोई भाई अपने बहन के हाथों से खाना खाए तो भाई की आयु लंबी होती है। ज्योतिषाचार्य सुमित ने बताया कि भैया दूज टीका लगाने का शुभ मुहूर्त 16 नवंबर सुबह 07 बजकर 07 मिनट के बाद पूरा दिन शुभ है।
पूजा विधि
भैया दूज वाले दिन बहनें शुद्ध आसन पर अपने भाई को बिठाकर सबसे पहले बहन अपने भाई के मस्तक पर पर सिंदूर, अक्षत, पुष्प का तिलक लगाकर कलावा बांधे और भाई के मुंह में मिठाई, मिश्री और माखन लगाएं। घर पर भाई सभी प्रकार से प्रसन्नचित्त जीवन व्यतीत करें, ऐसी मंगल कामना करें और उसकी लम्बी उम्र की प्रार्थना करें। इसके बाद यमराज के नाम का चौमुखा दीपक जला कर घर की दहलीज के बाहर रखें, जिससे भाई के घर में किसी प्रकार का विघ्न-बाधां न आए और वह सुखमय जीवन व्यतीत करें। इसके उपरांत भाई बहनों को उपहार दें। सगी बहन न हो तो मामा, चाचा, मित्र या धर्म बहन से तिलक लगाएं। शाम के समय बहनें यमराज के नाम से चौमुख दीया जलाकर घर के बाहर दीए का मुख दक्षिण दिशा की ओर करके रखें।
गोलों की हुई जमकर बिक्री
भैया दूज पर बहनें भाई का टीका कर उन्हें गोला देती है। रविवार को भाई दौज की पूर्व संध्या पर शहर में जमकर गोलों की बिक्री हुई। सड़क किनारे लोगों ने दुकान लगाकर गोले बेचे। इस दौरान मिठाई और गोलों की जमकर खरीदारी की।
