देश ने खोया बेहतरीन अर्थशास्त्री... मनमोहन सिंह के निधन पर उद्योग जगत ने शोक की लहर

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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नयी दिल्ली, अमृत विचारः पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन पर उद्योग जगत से जुड़े लोगों ने शोक व्यक्त किया और देश की आर्थिक वृद्धि में उनकी भूमिका को सराहा। मनमोहन सिंह का बृहस्पतिवार देर रात दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया। वह 92 वर्ष के थे। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने शुक्रवार को कहा कि सिंह उन दिग्गजों में से एक थे जिन्होंने एक नए उदारवादी भारत की कल्पना की थी जो आज दुनिया में अपना उचित स्थान ले रहा है। 

चंद्रशेखरन ने कहा कि दिवंगत सिंह के प्रेरक नेतृत्व ने उन्हें दुनिया भर में सम्मान दिलाया। उन्होंने बयान में कहा, ‘‘हम पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करते हैं, जो उन दिग्गजों में से एक थे जिन्होंने एक नए, उदार भारत की कल्पना की थी जो दुनिया में अपना उचित स्थान ले रहा है।’’ चंद्रशेखरन ने कहा, ‘‘डॉ. सिंह को हमेशा उनकी दूरदर्शी सोच तथा गहरी अंतर्दृष्टि के लिए याद किया जाएगा। वे हमेशा विनम्र रहे और अपने व्यक्तिगत मूल्यों को बनाए रखा।’’ 

आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन से भारत ने अपने सबसे बड़े नेताओं और बेहतरीन अर्थशास्त्रियों में से एक को खो दिया है। बिड़ला ने बयान में कहा, ‘‘भारत ने अपने सबसे बड़े नेताओं तथा बेहतरीन अर्थशास्त्रियों में से एक को खो दिया है। 1991 के दशक के उनके क्रांतिकारी सुधारों ने कई दशकों तक आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा दिया और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसने भारत तथा भारतीयों के लिए संभावनाओं के गणित को नया आकार दिया।’’ 

वहीं विश्व बैंक के पूर्व मुख्य अर्थशास्त्री कौशिक बसु ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को उनकी तेज बुद्धि, सहज विनम्रता तथा व्यक्तिगत ईमानदारी के लिए सराहा जाता है ... यह ऐसे गुण हैं जो राजनीति में विरले ही देखने को मिलते हैं। उन्हें न केवल भारत में, बल्कि विश्व स्तर पर भी सबसे महान राजनेताओं में से एक के रूप में याद किया जाएगा। 
पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ बातचीत में कहा, ‘‘मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि वह इतिहास में न केवल भारत के बल्कि विश्व के महान राजनीतिक नेताओं में से एक के रूप में जाने जाएंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उनका सरल व्यक्तित्व, तीक्ष्ण बुद्धि, सहज विनम्रता तथा व्यक्तिगत ईमानदारी का मेल था जो राजनीति में दुर्लभ है।’’ कांग्रेस नेता सिंह 2004 से 2014 तक, 10 वर्ष देश के प्रधानमंत्री रहे। उससे पहले वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने देश के आर्थिक ढांचे को मजबूत करने में मदद की। वह वैश्विक वित्तीय तथा आर्थिक क्षेत्रों में एक बड़ा नाम थे।

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