मुरादाबाद : मिनटों में लग्जरी कारों पर हाथ साफ करने वाला गिरफ्तार, गिरोह के तीन सदस्य फरार...यूट्यूब पर वीडियो देखकर करते थे चोरी 

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Edited By Amrit Vichar
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गिरोह के तीन सदस्य फरार, तीनों की तलाश कर रही पुलिस,  कार खरीदने की मांग आने पर गिरोह करता था कारों की चोरी

मुरादाबाद, अमृत विचार। सिविल लाइंस पुलिस ने कार खरीदने की मांग आने पर चोरी करने और मिनटों में लग्जरी कारों पर हाथ साफ करने वाले हाइटेक चोर गिरोह का खुलासा करते हुए मोहल्ला डोरिया थाना नागफनी के रहने वाले मोहम्मद हसन को गिरफ्तार किया है। जबकि, गिरोह के सदस्य फहाद निवासी मोहल्ला नवाबपुरा, मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमिर निवासी विशनपुर हरथला फरार हैं। तीनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है। आरोपी के कब्जे से क्रेटा कार, एक तमंचा समेत एक कारतूस बरामद हुआ है।

सिविल लाइंस थाना प्रभारी मनीष सक्सेना ने बताया कि थाना क्षेत्र से कार चोरी होने की शिकायतें मिल रही थी। जिस पर एक टीम गठित कर गिरोह की धरपकड़ के लिए लगाई गई थी। पुलिस टीम वेव माल के पीछे से आरोपी को चोरी की क्रेटा कार समेत गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने इस कार को दिल्ली से चोरी किया था। आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि गिरोह अपने परिवार के पालन पोषण के लिए चोरी का काम करते हैं। जिससे उन्हें काफी मुनाफा होता है। कार चोरी से कमाए गए रुपये को आपस में बांट लेते हैं। क्रेटा कार को बेचने के लिए जा रहा था कि उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के खिलाफ कुल तीन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

ऑर्डर पर चुराता था लग्जरी कार
आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह अपने साथियों के साथ कार चोरी करता था। आरोपी डिकोडर का इस्तेमाल भी करता है। उसका गिरोह हाईटेक है। डिकोडर के टेबलेट के जरिए कुछ मिनट में महंगी से महंगी कार का इलेक्ट्रिक लॉक खोल लेता है। उसके साथ गिरोह के अन्य बदमाश भी होते हैं। यह भी पता चला कि महंगी कार का ऑर्डर मिलने पर आरोपी उसे चुराकर साथियों के जरिए डिलीवरी करवा देता था।

यू-ट्यूब पर वीडियो देखकर करते थे चोरी 
आरोपी ने बताया कि वे वारदात से पहले यू-टयूब पर वाहन चोरी करने का वीडियो देखते थे। उसके बाद वह चोरी में इस्तेमाल करने वाले उपकरण को विभिन्न ऑनलाइन कंपनी से ऑर्डर कर खरीदते थे। कई उपकरण ऐसे हैं जिनकी कीमत करीब एक से दो लाख रुपये तक है। इन उपकरणों की मदद से चोर बिना चाबी के वाहन स्टार्ट भी कर लेते थे। गिरोह के सभी सदस्यों का काम बंटा हुआ था। कुछ लोग दिन में रेकी करते थे।

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