मध्यप्रदेश: बोरवेल में गिरे बच्चे को निकाला गया बाहर, अस्पताल में मौत

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

गुना। मध्यप्रदेश के गुना जिले के पीपल्या गांव में एक खुले बोरवेल में गिरे बच्चे को आज सुबह बाहर निकाल लिया। बच्चे को अचेत हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी मौत हो गयी। पुलिस सूत्रों के अनुसार राघौगढ़ ब्लॉक के जामनेर क्षेत्र में स्थित पीपल्या गांव का रहने वाला सुमित मीणा (10) कल दुर्घटनावश बोरवेल के गड्ढे में गिर गया। तीन बहनों के सबसे छोटे और लाड़ले भाई सुमित मीणा के गड्ढे में गिरने की खबर मिलते ही सबसे पहले स्थानीय एसडीएम विकास कुमार आनंद मौके पर पहुंचे।

इसके बाद कलेक्टर डॉ सतेंद्र सिंह, एसपी संजीव कुमार सिन्हा, जिला पंचायत सीईओ प्रथम कौशिक भी रेस्क्यू अभियान की निगरानी करने के लिए पीपल्या में ही रात भर मौजूद रहे। रेस्क्यू की शुरुआत एसईआरएफ के 31 जवानों द्वारा की गयी। थोड़ी देर बाद कलेक्टर की सूचना पर भोपाल से एनडीआरएफ के 16 जवान भी पीपल्या आ गए और अपने भारी-भरकम वाहनों से बचाव कार्य शुरु किया।

पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) गौरव राजपूत की मौजूदगी में टीमों द्वारा 8 भारी-भरकम मशीनों के साथ मशक्कत की और सुमित को जैसे-तैसे आज सुबह बाहर निकाल लिया गया। हालांकि गड्ढे में फंसे रहने के दौरान सुमित के हाथ-पैर रातभर पानी में डूबे रहे। उसकी गर्दन पानी से बाहर नजर आ रही थी। लेकिन मुंह में मिट्टी भर गयी। बोरवेल से बाहर आते ही सुमित को गंभीर अवस्था में तुरंत जिला अस्पताल लाया गया।

सुबह लगभग 10 बजे गुना सीएमएचओ डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर की अगुवाई में आधा दर्जन चिकित्सकों ने सुमित का उपचार शुरु किया, लेकिन कुछ ही देर की निगरानी के बाद सुमित की मौत हो गयी। बताया जा रहा है कि रातभर पानी में फंसे रहने की वजह से सुमित के हाथ-पैर सुन्न हो गए थे। सर्दी की वजह से उसका शरीर सिकुड़ गया था। सीएमएचओ डॉ राजकुमार ऋषिश्वर ने सुमित मीणा के निधन की पुष्टि कर दी है।

घटना पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया कि गुना जिले के ग्राम पीपल्या में निजी जमीन पर किए गए बोरवेल में एक बच्चे के गिरने पर जिला प्रशासन सहित एसडीईआरएफ के बचाव दल के लगातार और अथक प्रयासों के बावजूद भी बालक को सुरक्षित बाहर निकाला नहीं जा सका। वे इस कठिन घड़ी में शोकाकुल परिवार के साथ हैं।

ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत बालक की पुण्यात्मा को शान्ति और परिजनों को यह गहन दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका सभी से निवेदन है कि जो भी नागरिक अपनी निजी जमीन पर बोरवेल करवाते हैं, उसे उचित रूप से कवर करें, जिससे ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की भविष्य में पुनरावृत्ति न हो। 

ये भी पढ़ें-Acharya Kishore Kunal Death: पूर्व आईपीएस अधिकारी आचार्य किशोर कुणाल का हार्ट अटैक से निधन

संबंधित समाचार