बरेली: एमएलसी के तीन उम्मीदवारों ने वापस लिए नाम, 15 मैदान में डटे
बरेली,अमृत विचार। बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में मंगलवार को तीन उम्मीदवारों ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसमें रेनू मिश्रा, श्रद्धा खंडेलवाल और हरेंद्र सिंह ढिल्लों शामिल हैं। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब चुनाव में 15 उम्मीदवार जमे हुए हैं। इसमें 12 निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में हैं। बताते …
बरेली,अमृत विचार। बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में मंगलवार को तीन उम्मीदवारों ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसमें रेनू मिश्रा, श्रद्धा खंडेलवाल और हरेंद्र सिंह ढिल्लों शामिल हैं। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब चुनाव में 15 उम्मीदवार जमे हुए हैं। इसमें 12 निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में हैं। बताते हैं कि नाम वापस लेने वाले तीनों उम्मीदवारों ने बतौर डमी नामांकन कराया था। रिटर्निंग अफसर रणवीर प्रसाद ने नाम वापस लेने वाले उम्मीदवारों के नामों की सूची कमिश्नरी में नामांकन स्थल के पास चस्पा करा दी है।
इधर, उम्मीदवारों में निर्दलीयों की संख्या को देखते हुए राजनैतिक दलों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। इसमें चार उम्मीदवार पूर्व एमएलसी भी हैं। इनके राजनैतिक दलों के उम्मीदवारों को ज्यादा नुकसान पहुंचाने की बात कही जा रही है।
एक दिसंबर को है मतदान
एमएलसी सीट में बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, पीलीभीत, मुरादाबाद, रामपुर, बिजनौर, अमरोहा, संभल जनपद शामिल हैं। इन जनपदों में 37043 मतदाता हैं। कुल 88 मतदेय स्थल बनाए गए हैं। इसमें से 23 मतदेय स्थल बरेली जनपद में हैं।
5 से 12 नवंबर तक चली नामांकन प्रक्रिया
बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के लिये पांच से लेकर 12 नवंबर तक नामांकन प्रक्रिया चली। नामांकन प्रक्रिया कमिश्नरी स्थित आयुक्त न्यायालय में संपन्न हुई। 25 दावेदारों ने नामांकन पत्र खरीदे थे लेकिन 18 उम्मीदवारों ने नामांकन कराया।
चुनाव में गाड़ियों का अधिग्रहण करने की तैयारी शुरू
एमएलसी चुनाव संपन्न कराने के लिए यातायात व्यवस्था की जिम्मेदारी नगर मजिस्ट्रेट मदन कुमार को सौंपी गयी है। यातायात प्रभारी ने उप जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखा है। निर्वाचन कार्य के लिए जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं मतदान कार्मिकों की तैनाती की गयी है। कितने बूथ व केंद्र बनाए हैं, एक पोलिंग पार्टी में कितने कार्मिक होंगे और कितने भारी व हल्के वाहनों की जरूरत है। इन बिंदुओं पर जानकारी मांगी है।
