Kanpur: एसजीएसटी के उच्चाधिकारियों का सचल दल पर भरोसा हुआ कम, फैक्ट्रियों में लगे कैमरे, सीधे दफ्तर से होगी निगरानी

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर, अमृत विचार। लखनऊ में कानपुर के कर अधिकारियों की लापरवाही पकड़ने के बाद एसजीएसटी के उच्चाधिकारियों का सचल दल से भरोसा कम हो गया है। पान मसाला और इस्पात फैक्ट्रियों पर सीधे निगरानी के लिए अब कार्यालय में ही कंट्रोल रूम तैयार किया जा रहा है। इसके लिए नियंत्रण टीम का गठन होगा। विभाग ने 5 फैक्ट्रियों में 7 कैमरे लगा दिए हैं जो कि इंस्टॉल हो चुके हैं। इनके आईपी एड्रेस आदि प्रक्रिया के बाद दफ्तर से सीधे निगरानी शुरू कर दी जाएगी।

पिछले साल दिसंबर में पान मसाला फैक्ट्रियों के चार ट्रकों में बिना ई-वेबिल के माल लदा मिला था। उसके बाद पहले 4 फिर 2 कर अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया था। लखनऊ उच्चाधिकारियों ने टैक्स चोरी के इन मामलों पर पूरी तरह से लगाम लगाने के लिए स्थानीय विभागीय अधिकारियों को अत्याधुनिकता का प्रयोग करने को कहा था। उसके बाद विभाग ने पान मसाला और इस्पात की फैक्ट्रियों के गेटों पर कैमरे लगाने की प्रक्रिया शुरू की। 

अपर आयुक्त ग्रेड – 2 कुमार आनंद ने बताया कि ट्रांसपोर्ट नगर में मधु पान मसाला में 2, शिखर पान मसाला में 2, केसर पान मसाला में 1, मंधना में शुद्ध प्लस में 1, उन्नाव में रिमझिम इस्पात में 1 कैमरा इंस्टॉल कर लिया गया है। इनके आईपी एड्रेस व अन्य प्रक्रिया को लेकर कार्यवाही चल रही है। इसको लेकर उद्यमियों से बात भी की जा रही है। 

यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद एसजीएसटी में तैयार किए जा रहे कंट्रोल रूम से सीधे मानिटरिंग करेंगे। अभी इन फैक्ट्रियों पर सचल दल की टीमें तैनात हैं, जो चौबीस घंटे माल जाने-आने पर नजर रखकर ई-वेबिल चेक कर रही हैं। कैमरे से सीधे निगरानी के बाद उन्हें हटा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मधु जर्दा, तिरंगा पान मसाला कंपनियों के गेटों पर भी कैमरे लगेंगे, जब तक नहीं लगते हैं वहां टीमें तैनात रहेंगी।

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