South Korea: महाभियोग का सामना कर रहे दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति गिरफ्तार 

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

सियोल। दक्षिण कोरिया में महाभियोग का सामना कर रहे राष्ट्रपति यून सुक येओल को बुधवार सुबह राष्ट्रपति परिसर से हिरासत में ले लिया गया। यून ने भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी के मुख्यालय में ले जाए जाने से पहले रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘इस देश में कानून का शासन पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है’’। यून पहले ऐसे राष्ट्रपति हैं जिन्हें पद पर रहते हुए गिरफ्तार किया गया है। वह राजधानी सियोल में हन्नाम-डोंग आवास में कई सप्ताह तक छिपे रहे थे और उन्होंने सत्ता से उन्हें हटाने के प्रयासों के खिलाफ ‘‘अंत तक लड़ने’’ का संकल्प व्यक्त किया था। 

दरअसल राष्ट्रपति ने पिछले वर्ष तीन दिसंबर को मार्शल लॉ की घोषणा की थी। राष्ट्रपति के इस कदम ने पूरे देश को हैरत में डाल दिया था। हालांकि मार्शल लॉ कुछ ही घंटों से समाप्त हो गया था लेकिन इसके बाद देश में राष्ट्रपति के खिलाफ असंतोष की भावना फैल गई थी और विपक्षी दल उनके खिलाफ महाभियोग की कार्रवाई करने की मांग करने लगे थे। राष्ट्रपति ने अपने कदम का पुरजोर बचाव किया था और कहा कि उनका यह कदम शासन के तहत वैधानिक कदम था। 

उच्च पदस्थ अधिकारियों से संबंधित भ्रष्टाचार जांच कार्यालय ने कहा कि यून को हिरासत में लेने के लिए सैकड़ों कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने उनके आवासीय परिसर में प्रवेश किया और लगभग तीन घंटे बाद उन्हें हिरासत में लिया गया। इससे पहले यून के वकीलों ने जांचकर्ताओं को हिरासत वारंट पर अमल नहीं करने की अपील की थी और कहा था कि राष्ट्रपति स्वेच्छा से पूछताछ के लिए पेश होंगे लेकिन भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी ने उनके अनुरोध को अस्वीकार कर दिया। कई काली एसयूवी कार पुलिस की सुरक्षा में राष्ट्रपति परिसर से बाहर निकलती देखी गईं। बाद में यून को लेकर एक वाहन पास के शहर ग्वाचेओन में भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी के कार्यालय में पहुंचा। 

भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी और पुलिस संयुक्त रूप से यून के मामले की जांच करेंगे कि क्या तीन दिसंबर को यून द्वारा कुछ समय के लिए लागू किया गया ‘मार्शल लॉ’ विद्रोह के समान था? संसद द्वारा 14 दिसंबर को यून पर महाभियोग की प्रक्रिया शुरू किए जाने के बाद उनकी राष्ट्रपति संबंधी शक्तियां निलंबित कर दी गई थीं। महाभियोग का मामला अब न्यायालय के समक्ष है, जो औपचारिक रूप से यून को पद से हटा सकता है या मामले को खारिज कर उन्हें बहाल कर सकता है। 

दक्षिण कोरिया के कार्यवाहक नेता, उप प्रधानमंत्री चोई सांग-मोक ने बुधवार सुबह एक बयान जारी कर कानून प्रवर्तन और राष्ट्रपति सुरक्षा सेवा से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि उनकी कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की कोई झड़प नहीं हो। विपक्षी दल डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता पार्क चेन-देई ने कहा कि यून को हिरासत में लेना ‘‘संवैधानिक व्यवस्था, लोकतंत्र को बहाल करने और कानून के शासन को साकार करने की दिशा में पहला कदम है।’’ उन्होंने ही 14 दिसंबर को यून के खिलाफ महाभियोग के लिए विधायी अभियान चलाया था। 

ये भी पढ़ें- जनवरी को ‘तमिल भाषा और विरासत माह’ घोषित करें, अमेरिकी कांग्रेस सदस्य कृष्णमूर्ति ने पेश किया प्रस्ताव

संबंधित समाचार