मुरादाबाद : टैक्स वसूली में अड़चन बनी जीआईएस सर्वे की लंबित आपत्तियां, नगर निगम की बोर्ड बैठक में भी उठा था मुद्दा
अभी भी लंबित हैं 700 से अधिक आपत्तियां, जोन वार लगे शिविर के बाद भी कई क्षेत्रों में लोग इसके चलते गृहकर व जलकर जमा नहीं कर रहे हैं
मुरादाबाद, अमृत विचार। जीआईएस सर्वे की आपत्तियों के निस्तारण में शिथिलता से टैक्स वसूली में अड़चन बनी है। टैक्स निर्धारण का मुद्दा 7 जनवरी को हुई नगर निगम बोर्ड की बैठक में भी हावी रहा था। वार्ड 40 के पार्षद ने मनमाने तरीके से टैक्स वसूली करने का आरोप मढ़ा था तो कई पार्षदों ने आपत्तियों के निस्तारण में ढिलाई से टैक्स वसूली प्रभावित होने का मुद्दा उठाया था। अब वित्तीय वर्ष के बचे शेष दिनों में टैक्स वसूली का लक्ष्य हासिल करने के लिए इन आपत्तियों के निस्तारण में तेजी लानी होगी।
महानगर के 70 वार्डों में जीआईएस सर्वे के आधार पर टैक्स निर्धारण के बाद आई आपत्तियों के लिए सभी 8 जोन में रोस्टर के अनुसार शिविर भी लगे। इसमें निगम के अधिकारियों ने आपत्तियों का निस्तारण भी किया लेकिन, अभी भी 700 से अधिक आपत्तियां लंबित हैं जिससे लोग गृहकर व जलकर जमा करने से कतरा रहे हैं। वह अपनी आपत्तियों के निस्तारण की प्रतीक्षा कर रहे हैं। निगम प्रशासन की ओर से 31 दिसंबर तक टैक्स में छूट भी दिया था।
वहीं अब आपत्तियों के निस्तारण तक छूट लागू करने की बात कई पार्षदों ने भी की है। यदि आपत्तियों के निस्तारण में शिथिलता बनी रही तो मार्च के अंत तक निगम को शासन से निर्धारित 67.66 करोड़ रुपये के गृहकर व जलकर की वसूली पर असर पड़ेगा। हालांकि कर वसूली बढ़ाने के लिए नगर निगम के अधिकारियों ने कर अधीक्षकों व राजस्व निरीक्षकों को तेजी लाने का निर्देश दिया है।
अपर नगर आयुक्त प्रथम अतुल कुमार ने बताया कि जीआईएस सर्वे की 2535 आपत्तियां आईं थीं। जिसमें से 1800 आपत्तियों का निस्तारण हो गया है। शेष आपत्तियों के निस्तारण में भी तेजी लाई जाएगी। 15 जनवरी तक सभी राजस्व निरीक्षकों को बकायेदारों को गृहकर व जलकर का बिल हर हाल में देने का निर्देश दिया था। जिसकी लापरवाही मिलेगी उसके खिलाफ कार्रवाई भी होगी। टैक्स वसूली का लक्ष्य हर हाल में हासिल किया जाएगा।
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