बरेली: गुजरात से बेटे का शव लाने के लिए गिरवी रखा मकान

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

आसिफ अंसारी, बरेली। कड़ी मेहनत से प्रेम पाल ने जिस बेटे के लिए आशियाना बनाया था, उन्हें नहीं पता था कि उसी बेटे का शव गुजरात से लाने के लिए उन्हें वही आशियाना गिरवी रखना पड़ेगा। गुजरात में बेटे की मौत होने के बाद वहां से शव लाने के लिए आर्थिक तंगी के चलते 50 …

आसिफ अंसारी, बरेली। कड़ी मेहनत से प्रेम पाल ने जिस बेटे के लिए आशियाना बनाया था, उन्हें नहीं पता था कि उसी बेटे का शव गुजरात से लाने के लिए उन्हें वही आशियाना गिरवी रखना पड़ेगा। गुजरात में बेटे की मौत होने के बाद वहां से शव लाने के लिए आर्थिक तंगी के चलते 50 हजार रुपये में वह अपना घर गिरवी रखने को मजबूर कर दिया। इसे वक्त की क्रूरता ही कहेंगे कि जवान बेटे की मौत के बाद भी उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा रही है। इस घटना से पूरी तरह टूट चुके प्रेमपाल अब बेटे की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए भटक रहे हैं।

सुभाष नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली शांति विहार कॉलोनी के निवासी प्रेमपाल ने बताया कि उसका बेटा धीरेन्द्र यादव वाहन चालक था। बेटे को मकान में किराये पर रहने वाले कुछ लोग 14 अक्टूबर को गुजरात तक गाड़ी चलाने की बात कहकर साथ ले गए थे। उन लोगों ने 800 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी देने की बात भी कही थी। गुजरात पहुंचने के बाद धीरेन्द्र ने अपने घर पर फोन करके बताया कि ये लोग उसे काम के पैसे नहीं दे रहे हैं। वहीं, पैसे मांगने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है। युवक ने परिजनों को अपनी जान का खतरा भी बताया था।

प्रेमपाल ने बताया कि 21 अक्टूबर को वे लोग उसके बेटे को गुजरात से तलजा ले गए। उसी दिन शाम को करीब 6:30 बजे गुजरात के जिला भावनगर के थाना घघैई पुलिस थाने से फोन आया और बताया कि उनके बेटे ने पेड़ पर फंदा बनाकर अपनी जान दे दी है। पुलिस से सूचना मिलने के बाद परिवार के लोग परेशान हो गए। उनके पास अचानक गुजरात तक गाड़ी ले जाने के भी पैसे नहीं थे।

इसके बाद मजबूर पिता ने मोहल्ले के ही रहने वाले एक युवक के पास 50 हजार रुपये में मकान गिरवी रख दिया। इसके बाद एक प्राइवेट गाड़ी किराये पर लेकर बेटे के शव को बरेली लाए और अंतिम संस्कार कर दिया। इसके बाद बेटे की हत्या करने वालों पर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए अधिकारियों और पुलिस थाने के चक्कर काट रहे हैं मगर कहीं भी उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।

संबंधित समाचार