Unnao News: मौनी अमावस्या पर प्रदूषित जल से स्नानार्थी करेंगे स्नान व आचमन...लोन नदी में बहा रहे जहरीला पानी
दही औद्योगिक क्षेत्र से निकली लोन नदी सीधे गंगा में मिलती है
उन्नाव, अमृत विचार। तीर्थराज प्रयागराज में आयोजित हो रहे महाकुंभ में स्नानार्थियों को शुद्ध व आचमन लायक गंगाजल देने को सरकार प्रतिबद्ध है। सीएम से लेकर डीएम तक ने गंगा में किसी भी प्रकार से गंदगी या उद्योगों का दूषित पानी जाने से रोकने के निर्देश दिये हुए हैं। लेकिन, जिले के जिम्मेदार शासन-प्रशासन की इस मंशा पर खुलेआम पानी फेर रहे हैं।
हालात यह हैं कि दही औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाली लोन नदी जो सीधे गंगा में मिलती है उसमें दिनरात उद्योगों का केमिकलयुक्त पानी बहाया जा रहा है। जिससे गंगा मैली हो रही है और उसका पानी आचमन करने से स्नानार्थियों के बीमार होने की आशंका बनी हुई है। हालांकि, प्रदूषण विभाग के अधिकारी सब कुछ ओके होने का दावा कर रहे हैं। वहीं, जिलाधिकारी गौरांग राठी द्वारा गठित जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति के अफसर भी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
बता दें कि प्रयागराज स्थित महाकुंभ नगर में आयोजित हो रहे महाकुंभ-2025 में पहले व दूसरे शाही स्नान में करोड़ों श्रृद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई थी। अब तीसरा स्न्नान 29 जनवरी को मौनी अमावस्या का है। इसमें भी करोड़ों लोगों के संगम में डुबकी लगाने की उम्मीद जताई जा रही है।
मौनी अमावस्या पर लोगों को शुद्ध गंगाजल में डुबकी लगाने और अमृत जल का आचमन कराने के प्रयास में सरकार लगी हुई है। लेकिन, लाख निर्देशों के बाद भी जिले के जिम्मेदार अफसर आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। उनकी शह पर पतित पावनी गंगा नदी में मिलने वाली छोटी नदियों में प्रदूषणकारी उद्योग व चर्म फैक्ट्रियों के संचालक केमिकल युक्त पानी खुलेआम बहा रहे हैं। वहीं, प्रदूषण विभाग व जिलाधिकारी द्वारा बनाई गई।

जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति के अधिकारी कार्रवाई के नाम पर सिर्फ कागजी कोरम पूरा कर रहे हैं। विभागीय सूत्र बताते हैं कि प्रदूषण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में तैनात अधिकारी-कर्मचारी उद्यमियों द्वारा किये जा रहे इस अंधेर को विभागीय जांच में सिर्फ कागजी कोरम पूरा कर क्लीन चिट दे देते हैं। इसे लेकर उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी रोहित सिंह से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।
अभी यह होने हैं प्रमुख स्नान
29 जनवरी- मौनी अमावस्या
3 फरवरी- बसंत पंचमी
12 फरवरी- माघी पूर्णिमा
26 फरवरी- महाशिवरात्रि
बोले जिम्मेदार…
जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति में शामिल सिटी मजिस्ट्रेट राजीव राज ने कहा कि फैक्ट्रियों का प्रदूषित पानी गंगा में न बहाया जाये इसके लिए बायो रेमिडिएशन की कार्रवाई अनुबन्धन सीमा तक हो रही है। लगातार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों द्वारा इसकी जानकारी जिलाधिकारी को दी जा रही है।
