कानपुर में साइबर सेल ने वापस कराए 5.50 लाख रुपये: डिप्टी डायरेक्टर को इंश्योरेंस पॉलिसी रिन्युवल करने का झांसा देकर खाते से उड़ाई थी रकम

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Edited By Amrit Vichar
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पीड़ित कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट, चल रही थी जांच

कानपुर, अमृत विचार। इंश्योरेंस पॉलिसी रिन्युवल के नाम पर कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर से 5.50 लाख की साइबर ठगी की रकम को साइबर सेल ने वापस करा दिया। पीड़ित ने घटना के बाद साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसके बाद सर्विलांस और अन्य तरह से टीम ने खातों को फ्रीज कर ठग की रकम खाते में वापस करा दिया।

गीतानगर के श्याम लीला पार्क अपार्टमेंट निवासी अरविंद कुमार सचान बाराबंकी के कृषि रिसर्च विभाग में डिप्टी डायरेक्टर हैं। अरविंद ने बताया कि उन्होंने पत्नी के नाम पर मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी से आठ पॉलिसियां ली थीं। कोरोना कॉल में इनमें से चार पॉलिसियों के प्रीमियम का भुगतान वह नहीं कर पाए थे। इसके चलते वह बंद हो गई थी। बाकी चार पॉलिसियों का सेटेलमेंट एमाउंट उनके द्वारा जमा किया जा रहा था। 

आरोप लगाया कि 24 सितंबर को उनके मोबाइल पर एक अंजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले शख्स ने खुद को इंश्योरेंस कंपनी का अधिकारी बताया। बातचीत के दौरान उसने बताया कि उनके चार बंद पॉलिसियों में काफी एमाउंट है। जिसमें कुछ कागजी कार्रवाई और औपचारिकता के साथ सरकारी टैक्स जमा करने पर रुपये रिलीज होने की बात कही। इसके बाद ठग ने कंपनी के सह अधिकारी किरन गुप्ता और एडवाइजर राजेंद्र जोशी नाम के शख्स से बात कराई। 

बातचीत के दौरान दोनों ने बताया कि बंद पड़ी पॉलिसियों में 9.70 लाख रुपये जमा हैं। जिसके फर्जी दस्तावेज भी उनके मोबाइल पर भेज दिए गए। इसके बाद झांसा देकर 24 सितंबर से 21 अक्तूबर के बीच तीन बार में 5.50 लाख रुपये जमा करा लिए। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने 28 नवंबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद साइबर सेल इंस्पेक्टर सुनील कुमार वर्मा ने डिप्टी डायरेक्टर को जानकारी दी।

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