…कोई दुश्मनी नहीं तुझसे, आ गले लग जा

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मुरादाबाद, अमृत विचार। अरे यार कोई दुश्मनी नहीं तुझसे। पर जो तूने किया मान तो ले जरा। तू कोशिश तो कर मेरे भाई। भरे समाज में गले से लगा लूंगा तुझे। इन पंक्तियों का वास्तविक दृश्य गुरुवार को गुरुद्वारे में नजर आया। जब एक पूर्व पार्षद ने वर्तमान पार्षद पर किए हमले की बात स्वीकारी। …

मुरादाबाद, अमृत विचार। अरे यार कोई दुश्मनी नहीं तुझसे। पर जो तूने किया मान तो ले जरा। तू कोशिश तो कर मेरे भाई। भरे समाज में गले से लगा लूंगा तुझे। इन पंक्तियों का वास्तविक दृश्य गुरुवार को गुरुद्वारे में नजर आया। जब एक पूर्व पार्षद ने वर्तमान पार्षद पर किए हमले की बात स्वीकारी। जैसे ही उसने अपनी गलती को माना, भरे समाज में वर्तमान पार्षद ने खड़े होकर उसे गले से लगा लिया। यह सब देख धार्मिक स्थल पर तालियों की गड़गड़ाहट शुरू हो गई। बड़ों ने नसीहत दी कि प्रेम में वह ताकत है जो बड़े से बड़े गुस्से का दम तोड़ सकती है। गलती हो और उसकी क्षमा मांग ली जाए तो किसी का भी हृदय उस गले लगाने के लिए तैयार हो जाता है।

  • पंजाबी समाज के बीच जब एक ने गलती मानी तो दूसरे ने गले से लगा लिया
  • बड़ों ने शाबासी दी तो तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा गुरुद्वारा
  • पार्षद विनोद गुंबर को फोन पर मिली धमकी का मामला, नीटा धमीजा पर था आरोप

दरअसल मामला जिला कांग्रेस अध्यक्ष विनोद गुंबर को फोन पर मिली धमकी का था। पार्षद विनोद गुंबर के अनुसार 12 नवंबर को उन्हें यह धमकी पूर्व पार्षद नीटा धमीजा ने दी थी। उन्होंने इसकी फौरन फोन रिकार्डिंग भी कर ली थी। उसी के आधार पर आरोपी के खिलाफ सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज का दिया था। इस मामले में नीता धमीजा ने भी विनोद गुंबर, हैप्पी सिक्का और शिवसेना नेता बिंदू अरोरा के खिलाफ निर्माण स्थल पर तोड़ फोड़, वसूली के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था।

दोनों पक्ष इस मामले में आमने सामने थे। दोनों के बीच दुश्मनी को दोस्ती में बदलने के लिए पंजाबी समाज आगे आया। उसने दोनों पक्षों से बात की। उन्हें समझाया और उनकी सुनी भी। उसके बाद दोनों ने ही समाज की गरिमा का ख्याल करते हुए उसके सम्मान में ताड़ीखाना स्थित गुरुद्वारे में पहुंचे। वहां पर समाज के तमाम बुजुर्ग व युवा उपस्थित थे।

हौसले और हिम्मत को साबित करते हुए नीटा ने गुंबर से गलती पर क्षमा मांगा। उनके गलती स्वीकारते ही फौरन गुंबर ने भी उन्हें गले से लगा लिया। इसपर गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष सरदार अमोलक सिंगज, सरदार रंजीत सिंह, सरदार पांडू सिंह, राकेश अहूजा ने दोनों को शाबासी दी। इस मौके पर जयवीर यादव, डीपी यादव, राजू कालरा, मुदित उपाध्याय, कमल राव, विपिन भटनागर, अनिल काले, सुधीर पाठक, विजय राज सैनी, संदीप बजाज भी मौजूद थे।

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