बदायूं: तो राजस्व अधिकारियों के आगे इतना लाचार क्यों हुआ लोक निर्माण विभाग...

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प्रदीप सक्सेना, बदायूं। अपनी ही जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए लोक निर्माण विभाग को मशक्कत करनी पड़ रही है। विभागीय अधिकारी द्वारा जमीन की पैमाइश कराने लिए दो बार पत्र जारी कर मांग की थी। लेकिन राजस्व विभाग द्वारा उनके पत्र पर आज तक संज्ञान नहीं लिया गया। जिसका लाभ अवैध कब्जा करने वाले उठा रहे हैं। कब्जा करने वाले लोगों ने भूमि की बिक्री भी शुरू कर दी है।
 
शहर के मदर एथीना स्कूल के नजदीक ककराला उसावां मार्ग के बीच गाटा संख्या 24 में दर्ज 0.177 हेक्टेयर भूमि पर कुछ लोगों के द्वारा कब्जा कर रखा है। शहर के नजदीक जमीन होने के कारण की उसकी कीमत करोड़ों की है। जिस पर कब्जा करने वाले लोगों के द्वारा अवैध प्लाटिंग शुरू कर दी है।  भूमि पर अवैध कब्जा को लेकर गांव नरऊ बुजुर्ग के ग्रामीण लक्ष्मी, प्रदीप कुमार, सुखवीर, मनोज कुमार, आलोक आदि ने डीएम से पैमाइश कराने की मांग की थी। जिस पर डीएम ने जांच के लिए एसडीएम को आदेश जारी कर दिए। ग्रामीणों ने जिस लेखपाल पर भूमि पर कब्जा करने का आरोप लगाया था। एसडीएम ने उसी से जांच कराकर अपनी आख्या डीएम को सौंप दी। इधर ककराला उसावां मार्ग के बीच जमीन होने की जानकारी लोक निर्माण विभाग को हुई। जिसका संज्ञान लेते हुए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने 17  दिसंबर और उसके बाद 29 जनवरी को पत्र भेजकर भूमि की पैमाइश कराने का आग्रह किया था। लेकिन लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों द्वारा भूमि की पैमाइश कराने के आग्रह को राजस्व विभाग द्वारा कोई तवज्जो नहीं दी गई। जिसका लाभ भूमि पर कब्जा करने वाले उठा रहे हैं। 

एक प्लाट भी बेच दिया
बाकायदा उस स्थान पर अपनी झोपड़ी डालकर प्लाटिंग कर बिक्री शुरू कर दी है। जिसमें एक प्लाट भूमि पर कब्जा करने वाले बेच चुके हैं। ग्रामीणों की शिकायत और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के पत्र पर गौर न किए जाने से राजस्व विभाग की मंशा पर सवाल उठने लगे हैं। शिकायतकर्ता भूमि पर कब्जा करने वालों के साथ राजस्व विभाग की मिली भगत करने का आरोप लगा रहे हैं। एसडीएम सदर मोहित कुमार ने बताया कि लोक निर्माण विभाग का पत्र मिला है। भूमि की पैमाइश कराने के लिए एक टीम का गठन किया है। जल्द ही भूमि की पैमाइश करा दी जाएगी। 

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