कानपुर में सामूहिक दुष्कर्म में दो सगे भाई समेत चार को 20 साल कैद: कोर्ट ने चारों दोषियों पर 30-30 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया...
कानपुर, अमृत विचार। पुलिस भर्ती की तैयारी कर रही किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म मामले में दो सगे भाइयों सहित चार युवकों को अतिरिक्त विशेष न्यायालय पाक्सो एक्ट (बाल न्यायालय) अपर सत्र न्यायाधीश 13 सुरेंद्र पाल सिंह की कोर्ट ने दोषी करार दिया। न्यायालय ने चारों को 20-20 साल की सजा व 30-30 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
जुर्माने की धनराशि से एक लाख रुपये पीड़िता को दिए जाने का आदेश दिया है। न्यायालय ने मामले की विवेचना में लापरवाही बरतने पर तत्कालीन थाना प्रभारी कौशलेंद्र प्रताप सिंह पर कार्रवाई के लिए डीजीपी को आदेश की प्रति भेजने के निर्देश दिए हैं।
बिठूर थानाक्षेत्र निवासी व्यक्ति ने बताया कि उनकी 15 वर्षीय बेटी पुलिस भर्ती के लिए सुबह दौड़ लगाने जाती थी। एक मई 2020 को वह भोरपहर 4 बजे दौड़ लगाने गई। घर से करीब एक किमी दूर कब्रिस्तान के पास गांव का ऋषि शुक्ला उर्फ शरद, उसका भाई सागर शुक्ला और साथी आशीष शुक्ला व छोटू अग्निहोत्री ने तमंचा लगाकर उसे कार में घसीट लिया।
चारों ने उससे सामूहिक दुष्कर्म किया। शिकायत करने पर मां, पिता व भाई को जान से मारने की धमकी दी। बेटी ने घटना 5-6 दिन बाद परिजनों को बताई। तब पीड़िता के पिता ने बिठूर थाने में आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, पाक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई। विशेष लोक अभियोजक चंद्रकांत शर्मा ने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से 6 गवाह पेश किए गए।
न्यायालय ने चारों आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा व अर्थदंड सुनाया। न्यायालय ने मामले की विवेचना में लापरवाही बरतने पर तत्कालीन थाना प्रभारी कौशलेंद्र प्रताप सिंह पर कार्रवाई के लिए डीजीपी को आदेश की प्रति भेजने के निर्देश दिए हैं।
