मिर्गी दिवस आज: PGI में दिमाग पर इलेक्ट्रोड रखकर होगा इलाज...मरीजों की सुविधा के लिए इतने करोड़ की मशीन HAL ने दी दान

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर, अमृत विचार। लंबे समय तक चली दवा के बाद भी अगर मिर्गी की बीमारी काबू में नहीं आती है तो अब दिमाग पर इलेक्ट्रोड रखकर मिर्गी का इलाज किया जाएगा। यह काम कानपुर पीजीआई में होगा। इसके लिए पीजीआई में 2.50 करोड़ की मशीन आई है। 

जल्द ही यहां पर इस मशीन से सर्जरी शुरू की जाएगी, जिसका लाभ मिर्गी के मरीजों को मिलेगा और उनकी स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा। हर वर्ष आठ फरवरी का दिन लोगों को जागरूक करने के लिए मिर्गी दिवस कते रूप में मनाया जाता है। 

कानपुर पीजीआई के न्यूरो विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन 35 से 40 मरीज मिर्गी की बीमारी से ग्रस्त होकर पहुंचते हैं।   अभी जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के न्यूरो सांइस विभाग में मरीजों को दवा के माध्यम से राहत पहुंचाने का प्रयास किया जाता है। लेकिन अब मिर्गी की बीमारी से ग्रस्त मरीजों की सर्जरी की जाएगी। सर्जरी के जरिए उनके दिमाग में इलेक्ट्रोड रखकर राहत पहुंचाने का कार्य किया जाएगा। 

न्यूरो सांइस  विभागाध्यक्ष और पीजीआई के नोडल अधिकारी डॉ.मनीष सिंह ने बताया कि मिर्गी की बीमारी नशीले पदार्थों के सेवन, मस्तिष्क में गहरी चोट, ब्रेन ट्यूमर, मानसिक सदमे या अनुवांशिक कारणों से हो सकती है। इस न्यूरोलॉजिकल समस्या में इलाज लंबे समय तक चलता है। वहीं, सब्जियों को अच्छी तरह धोकर नहीं खाने, मांस को अच्छी तरह धोकर और पाककर नहीं खाने की वजह से यह समस्या उत्पन्न हो सकती है। 

इलेक्ट्रोलाइट गड़बड़ाने और शरीर में सोडियम की कमी के कारण भी मिर्गी की समस्या हो सकती है। कई बार देखा गया है कि कुछ दवाएं मरीजों पर काम नहीं करती हैं। ऐसे में ऑपरेशन करना पड़ता है। लेकिन ऑपरेशन के लिए अक्सर मरीज व तीमारदार राजी नहीं होते हैं, इसकी वजह ऑपरेशन के दौरान लकवा का खतरा होना रहता है। लेकिन एचएल द्वारा दी गई 2.50 करोड़ की मशीन की मदद से इलेक्ट्रो कॉरटिकल मॉनिटरिंग सिस्टम से मरीज के दिमाग के उस हिस्से में इलेक्ट्रोलाइट डाला जाएगा, जहां इलेक्ट्रोल में समस्या होगी है। 

इस मशीन से दिमाग में खराब व दिक्कत करने वाले इलेक्ट्रोल को हटाया जाएगा। इस दौरान दिमाग के दूसरे अंगों, नसों व इलेक्ट्रोल में समस्या नहीं होगी। डॉ.मनीष के मुबातिक यह सिस्टम प्रदेश के किसी मेडिकल कॉलेज में अभी उपलब्ध नहीं है। 

मिर्गी के यह होते लक्षण 

- अस्थायी रूप से भ्रम की स्थिति।
- दौरे पड़ने के दौरान मुंह से झाग आना।
- मांसपेशियों का सख्त हो जाना।
- हाथ और पैर पर काबू न होना।
- चेतना या जागरूकता में कमी।
- मनोवैज्ञानिक लक्षण जैसे डर, चिंता।
- झटके आना व सांस लेने में दिक्कत

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