बाराबंकी: रसोई गैस सिलेंडर से रिसाव के बाद लगी आग, मां-बेटी समेत पांच लोग झुलसे

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हैदरगढ़/रामसनेहीघाट/बाराबंकी, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में हैदरगढ़ थानाक्षेत्र में रविवार को खाना बनाते समय रसोई गैस सिलेंडर के रेगुलेटर में रिसाव होने के बाद आग लग जाने से इसकी चपेट में आकर मां-बेटी समेत पांच लोग झुलस गए। दूसरी घटना में आग ने हजारों की गृहस्थी का खाक कर दिया। 

घटना थाना हैदरगढ़ क्षेत्र के बम्हरौली गांव की है। गांव के निवासी रामखेलावन की पत्नी सीतापति रसोई में खाना बना रही थी। इसी दौरान हादसा हो गया। ग्रामीणों ने पुलिस की मदद से सीतापति (40), इनकी पुत्री शशि (16), अंकुल (8), पीहू (6), मोहिनी (10) को झुलसी अवस्था में हैदरगढ़ में भर्ती कराया गया। स्थानीय नागरिकों के अनुसार 6 फरवरी को सीतापति ने अपनी बेटी की शादी की थी।

जानकारी के अनुसार कोतवाली हैदरगढ़ के बम्हरौली गांव निवासी राम खेलावन की पत्नी सीतापति रविवार सुबह लगभग 9 बजे गैस चूल्हा पर चाय बना रही थी, तभी सिलेंडर के पाइप में लीकेज की वजह से आग लग गई। सिलेंडर में आग लगते ही अफरा-तफरी का माहौल बन गया। चीख-पुकार सुनने के बाद जब तक सिलेंडर में लगी आग पर काबू पाया जाता, तब तक सिलेंडर तेज आवाज के साथ फट गया। इससे फैली आग ने महिला को लपेटे में ले लिया। यह दृश्य देख बचाने आए चार बच्चे शशी 16 वर्ष पुत्री राम खेलावन, मोहनी 10 वर्ष पुत्री कौशल, अंकुल 8 वर्ष पुत्र गुरु सेवक और पीहू 6 वर्ष पुत्री सरोज भी झुलस गए। सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैदरगढ़ ले जाया गया, जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद सीतापति को सिविल अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। डॉक्टर उमंग वर्मा ने बताया कि महिला 60 से 70 प्रतिशत झुलसी हुई थी। जिस वजह से बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर के लिए रेफर किया गया।  

रामसनेहीघाट प्रतिनिधि के अनुसार ताला गांव निवासी सुखराम निषाद और फूलचंद निषाद के घर रविवार की दोपहर शॉर्ट सर्किट से अचानक आग लग गई। जब तक ग्रामीण आग पर काबू पाते, तब तक घर में रखी दैनिक उपयोग की सभी वस्तुएं, अनाज, कपड़ा, बर्तन, फर्नीचर सहित अन्य सामान जलकर राख हो गया। क्षेत्रीय सभासद विजय कुमार ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाया। अग्नि पीड़ित परिवार ने लेखपाल को आवेदन देकर उचित सहायता राशि देने की मांग की है।

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