कासगंज: माघ की पूर्णिमा तक कादरगंज घाट रामनगरिया मेले से रहेगा गुलजार
ककोड़ा मेले के दो माह बाद लगता है कादरगंज घाट पर रामनगरिया मेला
कासगंज, अमृत विचार। ककोड़ा मेले के दो माह बाद लगने वाला रामनगरियां मेले में रौनक दिखाई देने लगी है। माघ की पूर्णिमा तक रामनगरिया मेले से कादरगंज गंगा घाट पूरी तरह से गुलजार रहेगा। साधु संत पहुंचने लगे। लोगों के द्वारा तंबू व डेरे भी लगाए जाने लगे हैं। उन पर लगी पताकाएं मेले का आगाज दर्शा रही हैं। मेले में साधु-संत व श्रद्धालु एक माह तक कल्पवास करते हैं।
रामनगरिया मेले में रौनक बढ़ने लगी है। श्रद्धालुओं और साधु संतों ने यहां पहुंचना शुरू कर दिया है। कुछ लोगों ने अपने टेंट और झोपड़ी कल्पवास के लिए बना लिए हैं। मेले की समाप्ति तक साधु-संत और श्रद्धालु यहां कल्पवास करते हैं और प्रतिदिन गंगा स्नान कर पुण्य अर्जित करते हैं। श्रद्धालु सुबह से ही गंगा स्नान शुरू करते हैं और दोपहर तक स्नान कर पूजा अर्चना कर परिवार की खुशहाली के लिए मनोकामना करते हैं। युवा गंगा में अठखेलियां करते नजर आ रहे हैं। साधु संतों का सत्संग भी चलता रहता है। घाट पर हर-हर गंगे के स्वर के साथ-साथ मंत्रों एवं भजनकीर्तन से माहौल भक्तिमय रहता है।
भागवत कथा तो कहीं सत्संग
रामनगरिया मेले में कादरगंज घाट पर कहीं भागवत कथा तो कहीं सत्संग करते साधु नजर आ रहे हैं। धार्मिक आयोजन हो रहे है। भजन कीर्तन करते हुए लोग गंगा स्नान कर पूजा अर्चना कर रहे हैं। भागवत कथा में लोगों के द्वारा कथा का श्रवण किया जा रहा है।
महात्माओं ने बनाया है डेरा
स्वामी विशुद्धानंद बाबा, अजय चेतन बाबा, विरजानंद महाराज, बाबा रामनिवास ,बाबा पवनी, बाबा सिलौटा दास, बाबा ब्रह्मचारी, बाबा राम सिंह, बाला खेमकरण,बाबा फलाहारी, बाबा योगीराज आदि बाबा अपने अखाड़ों के साथ मेले में डेरा बनाए हुए हैं।
नौकायन का भी लिया जा रहा है लुत्फ
श्रद्धालुओं के नौकायन के लिए गंगा में नौकाएं भी हैं। जिनमें श्रद्धालु गंगा स्नान करने के साथ-साथ नौकायन का भी लुत्फ ले रहे हैं।
