बरेली: दस बजे की बंदिश से बैंड संचालकों का बज गया ‘बैंड ‘
बरेली,अमृत विचार। लाकडाउन व कोरोना संक्रमण की वजह से गर्मियों की सहालग में टली शादियां 25 नवंबर से होने जा रही हैं। सरकार की गाइडलाइन ने वर-वधु पक्ष ही नहीं बैंड वालों की भी परेशानी बढ़ा दी है। रात दस बजे की बंदिश से तीन शिफ्टों में बारात करने वाले बैंड मास्टर केवल दो शिफ्टों …
बरेली,अमृत विचार। लाकडाउन व कोरोना संक्रमण की वजह से गर्मियों की सहालग में टली शादियां 25 नवंबर से होने जा रही हैं। सरकार की गाइडलाइन ने वर-वधु पक्ष ही नहीं बैंड वालों की भी परेशानी बढ़ा दी है। रात दस बजे की बंदिश से तीन शिफ्टों में बारात करने वाले बैंड मास्टर केवल दो शिफ्टों में बुकिंग कर पा रहे हैं। उसमें भी दूसरी शिफ्ट पर प्रशासनिक कार्रवाई का डर बैठ गया है।
लॉकडाउन की वजह से कई वैवाहिक कार्यक्रम रुक गए तो कुछ ने स्थगित कर दिए। गर्मी में बहुत कम शादियां हुई थीं। अब 25 नवंबर से शुरू हो रहा सहालग 15 दिसंबर तक चलेगा। इसमें सड़कों पर बैंड-बाजा-बारात की शुरुआत हो जाएगी। सरकार की गाइडलाइन के अनुसार, शादी में कुल 200 लोगों की अनुमति होगी। इसमें लड़के पक्ष और लड़की पक्ष वालों के साथ बरातघर के कर्मचारी, कैटरर्स शामिल हो सकेंगे। इन सबके बीच दस बजे की बंदिशों ने बैंड मास्टरों की मुश्किल बढ़ा दी है। उनका कहना है लाकडाउन की वजह से गर्मियों में बारात नहीं निकल सकी थी। ऐसे में बैंड संचालकों ने पिछले सहालग का भुगतान अपने कारीगरों को बिना काम के ही दिया। अब सहलाग में उनके पास बुकिंग की भरमार है।
अधिकतर ने शाम को छह से आठ और नौ से 11 बजे तक की बुकिंग ले रखी है जबकि दस बजे के बाद बैंड बजाने के प्रतिबंध को लेकर आदेश हाल ही में आए हैं। ऐसे में बैंड संचालक दूसरी शिफ्ट में बारात निकालने वालों से समय घटाने के लिए अनुरोध कर रहे हैं ताकि प्रशासन की कार्रवाई से बचा जा सके। बैंड मास्टरों का यह भी कहना है कि अगर दूसरी शिफ्ट निरस्त होती है तो खर्च निकालना तक मुश्किल हो जाएगा। दबी जुबान से सभी दस बजे की बंदिश को 11 बजे तक करने की मांग कर रहे हैं। ऐसा नहीं हुआ तो सभी की उम्मीदों पर पानी फिर गया।
दावत देने का बदल रहा ट्रेंड
सहालग में होने वाली शादियों में 200 लोगों को शामिल करने की अनुमति दी गई है। ऐसे में मैरिज होम संचालक और होटल संचालक बुकिंग करने वाली पार्टियों से लिस्ट मांग रहे हैं। ऐसे में अब दावत का ट्रेंड भी बदल गया है। एक दिन में सुबह और शाम को अलग-अलग 200-200 लोगों को निमंत्रण भेजे जा रहे हैं। वहीं, कुछ शादियां तो दो दिन में हो रही हैं। ऐसे में दोस्त, रिश्तेदार और संबंधियों को अगल-अलग समय पर बुलाया जा रहा है।
करीब सात महीने कोरोना की वजह से धंधा पूरी तरह ठप रहा। सभी बैंड बाजे वाले बेहद परेशान थे। अब 25 नवंबर से सहालग शुरू हो रहा है। एडवांस में कई बुकिंग हैं। फिलहाल एक ही शिफ्ट की बुकिंग लेने की वजह से हमें कोई खास दिक्कत नहीं होने वाली।
रफीक अहमद, बैंड मास्टर
200 से अधिक लोगों को शादी में शामिल करने की अनुमति दी जाए। रात में बैंड और डीजे बजाने का समय 10 बजे की बजाय अगर 11 बजे कर दिया जाता है तो शादी हाल संचालक ही नहीं बैंड मास्टर आदि सभी को सहूलियत मिल जाएगी।
- मो. फैज, बारातघर संचालक
25 नवंबर से लेकर 15 दिसंबर तक फुर्सत नहीं है। जिन बैंड संचालकों ने एक से दो बुकिंग ले रखी है। उनके सामने 10 बजे के बाद बैंड बजाने वाला नियम परेशान करने वाला हो सकता है। फिलहाल जिला प्रशासन का निर्णय सभी बैंड मास्टरों को स्वीकार होगा। विजय ,बैंड मास्टर
