Kanpur: ट्रांसफर व बर्खास्तगी के बाद भी सरकारी कर्मचारियों का आवासों पर कब्जा, जिलाधिकारी ने एक हफ्ते में खाली करने के दिए निर्देश, लगाया जुर्माना
कानपुर, अमृत विचार। जिले में तीन से चार वर्ष पहले अलग-अलग विभाग में तैनात रहे अधिकारी, कर्मचारी, पुलिसकर्मियों के नाम सरकारी आवास आवंटित किए गए थे। उसमें से कई का तबादला दूसरे जनपद हो गया तो कई पर बर्खास्तगी की कार्रवाई हुई। करीब 8 सरकारी कर्मचारियों ने तीन से चार सालों से आवास पर कब्जा कर रखा है। निर्देश के बाद भी खाली नहीं किया। ऐसे सभी लोगों को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने संबंधित विभाग को पत्र भेजकर एक सप्ताह में आवास खाली करने के निर्देश दिए। यही नहीं सभी से व्याज समेत जुर्माना भी वसूला जाएगा। फिर भी आवास खाली नहीं करते हैं तो आवास का बिजली कनेक्शन काटकर संबंधित थाने के एसीपी कार्रवाई करेंगे।
सर्किट हाउस, रावतपुर ऑफीसर कॉलोनी, लक्ष्मण बाग ऑफीसर कॉलोनी में करीब एक हजार से अधिक आवास निर्माणाधीन हैं। करीब एक वर्ष पहले जिले में तैनात रहे करीब 17 अफसर से लेकर कर्मचारियों ने तबादले के बाद भी सरकारी आवास में कब्जा कर रखा था। तत्कालीन जिलाधिकारी की सख्ती के बाद 9 लोगों ने तो आवास खाली कर दिया लेकिन 8 लोग अभी तक आवासों में काबिज हैं। यही नहीं तबादले या कार्रवाई के बाद भी आवास न खाली करने पर सभी से व्याज समेत किराया वसूलने के निर्देश जारी किए थे।
जिसमें सबसे ज्यादा जुर्माना डॉ नीलिमा कुंवर प्रध्यापक सीएसए पर 7.96 लाख रुपये लगा है। ये 2021 से जनवरी 2025 तक तैनात रहीं। इन्होनें कोई शुल्क नहीं दिया। हैदर नकवी बर्खास्त अमीन पर 2.43 लाख, सुरेंद्र सिंह उपनिदेशक वाणिज्यकर पर 1.99 लाख रुपये, व्यास नारायन उमराव, नायाब तहसील के पद पर 2021 से 2023 तक तैनात रहे थे।
इनपर 1.55 लाख का जुर्माना लगा। नीरज सिंह एलएलआर में नर्सिंग आफीसर पर 1.43 लाख, राजकुमार अवर अभियंता निर्माण खंड दो, तीन वर्ष तैनात रहे इनपर 1.51 लाख रुपये, इसके अलावा तत्कालीन समाजकल्याण अधिकारी प्रज्ञा पांडेय, यशवंत राव उपजिलाधिकारी गोंडा समेत 17 अफसरों और कर्मचारियों पर जुर्माना लगाया गया है। सभी से धनराशि वसूली के लिए संबंधित जिले के विभागाध्यक्षों को पत्र भेज दिया गया है। अगर ये जुर्माना की राशि नहीं जमा करते हैं तो इनके वेतन से कटौती की जाएगी। आवासों की बिजली काटने के लिए केस्को एमडी को भी पत्र लिखा गया है।
निर्देश के बाद भी आठ कर्मचारियों का कब्जा बरकरार
रणवीर सिंह, सिपाही, शिरोमन सिंह स्टेटिसशियन जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, अलक शुक्ला नायब तहसीलदार इटावा, डॉ नीलिमा कुंवर प्रध्यापक सीएसए, कार्तिकेय यादव, बर्खास्त लिपिक कलेक्ट्रेट, हैदर नकवी बर्खास्त अमीन, विनीत तिवारी बर्खास्त लिपिक, राजकुमार अवर अभियंता निर्माण खंड दो ने अभी तक सरकारी आवास पर कब्जा कर रखा है। जब इनमें से कई पर कार्रवाई हो चुकी तो कई दूसरे जिले में तबादला हो गया। इसके बाद भी आवास खाली नहीं किया।
दूसरे जिलों में तबादले के बाद भी आठ अफसरों ने आवास खाली नहीं किया है। करीब नौ लोग जिन्होनें आवास खाली किया है उनपर लगा जुर्माना आज तक नहीं जमा किया गया। सभी से वसूली के लिए संबंधित विभाग को पत्र लिखा गया है। जिन्होनें कब्जा कर रखा है उनपर एसीपी, प्रभारी आवास अधिकारी कार्रवाई करेंगे। - डॉ राजेश कुमार, एडीएम सिटी
