लंदन और दुबई में छिपे है मुख्य साजिशकर्ता : विदेश में बैठे युवक ने लखनऊ में बनाया गिरोह, रच डाली 300 करोड़ रुपये ठगने की साजिश
Lucknow, Amrit Vichar : एकेटीयू के बैंक खाते से 120 करोड़ रुपये की ठगी के दो मुख्य साजिशकर्ता फरार हैं। एक लंदन तो दूसरे ने दुबई में ठिकाना बना रखा है। साइबर क्राइम थाने की पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी व बिल्डर चांद ने यह राज उगला है। पुलिस टीम अब इन दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कागजी कार्रवाई शुरू कर दी है। चांद ने पुलिस के सामने कुबूल किया कि योजना एकेटीयू के खाते से 300 करोड़ रुपये उड़ाने की थी।
एकेटीयू के खाते से जालसाजों के गिरोह ने 300 करोड़ रुपये उड़ाने की साजिश रची थी। जून के पहले सप्ताह में इस साजिश को अंजाम देते हुए 120 करोड़ रुपये पार कर लिये। अचानक इतनी बढ़ी रकम निकलने की जानकारी होते ही यूनियन बैंक के अधिकारियों के होश उड़ गये। उन्होंने एकेटीयू के संपर्क किया तो फर्जीवाड़े का पता चला। इसके बाद बैंक प्रबंधक ने आनन-फानन साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। साइबर क्राइम थाने की टीम ने एक साथ सात आरोपियों को दबोच लिया। आरोपियों से पूछताछ में साजिश की परतें खुलने लगी। कई नाम सामने आये। पुलिस ने 9 आरोपियों को जेल भेज दिया। वहीं, 12 फरवरी को फरार चल रहे बिल्डर चांद उर्फ सनी जानसन को गिरफ्तार किया। पता चला कि असल किरदार अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। जो पकड़े गये हैं वह सिर्फ प्यादे थे।
लंदन में रची गई थी साजिश
चांद ने पूछताछ में बताया कि फर्जीवाड़े की साजिश देवांग देसाई, कपिल बसोया और शिवांश बजाज ने रची थी। देवांग लंदन में बैठकर कपिल और शिवांश के साथ मिलकर साजिश सफल करने के लिए गिरोह तैयार कर रहा था। इसमें राजेश बाबू ने भूमिक निभाई। राजेश ने उसे मई 2024 में इंदिरानगर में मिलने के लिए बुलाया और देवांग, कपिल और शिवांश से बातचीत कराई। देवांग लंदन में था। वहीं से उसने कपिल बसोया और शिवांश बजाज के साथ मिलकर इस खेल की साजिश रची। राजेश बाबू ने चांद से कहा कि देवांग कई सरकारी बैंक खातों में ऑन लाइन सेंध लगाकर करोड़ों रुपये की हेराफेरी कर लेते हैं। इस बार जिस बैंक खाते में हेराफेरी करनी है उसमें 300 करोड़ रुपये से अधिक की रकम हैं। चांद ने अपनी रजामंदी के बाद जून में एकेटीयू के खाते से रकम उड़ा ली गई। चांद ने बताया कि 11 जून को कपिल ने उसे कॉल किया। कहा कि फर्जीवाड़े की जानकारी बैंक व पुलिस को हो गई है। सात लोग पकड़ लिये गये हैं। उसे पुणे जाने के लिए कहा। वहां से अहमदाबाद निकल गया। जहां कपिल के साथ कुछ दिन तक रहा। फिर वहां से दोनों दुबई निकल गये। साढ़े सात माह दुबई में रहा।
करीबी लोगों से लेता रहा जानकारी
चांद ने पुलिस को बताया कि वह लगातार अपने करीबी लोगों, कर्मचारियों से एकेटीयू फर्जीवाड़े से जुड़ी हर बिंदु पर जानकारी हासिल करता रहा। चांद को उसके कर्मचारी व करीबी लोग खबरों की कटिंग व्हाट्सएप पर भेजते थे। यहां तक वह खुद ऑन लाइन खबरों को सर्च करता रहता था। इधर काफी दिनों से एकेटीयू के संबंध में कोई खबर न छपने व पुलिस की सक्रियता कम होने के कारण वह लखनऊ आया था।
इनकी हुई गिरफ्तारी
इस मामले में गुजरात के जोशी देवेंद्र प्रसाद प्रभाशंकर, अहमदाबाद के पटेल उदय, उन्नाव के राजेश बाबू, लखनऊ के मानसरोवर योजना के गिरीश चंद्र, लखनऊ के महानगर के शैलेश कुमार रघुवंशी, अमेठी के दस्तगीर आलम और बस्ती के कृष्णकांत, अनुराग श्रीवास्तव, चांद उर्फ सनी जानसन को गिरफ्तार किया जा चुका है। इंस्पेक्टर साइबर क्राइम थाना बृजेश कुमार यादव के मुताबिक फरार चल रहे दो मुख्य साजिशकर्ता देवांग देसाई और कपिल बसोया की गिरफ्तारी के लिए कागजी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जल्द ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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