बरेली: पढ़ाई की नहीं तैयारी, छात्रावास में पहुंचे विद्यार्थी

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, बरेली। शासन के निर्देश पर महाविद्यालयों ने ऑफलाइन पढ़ाई की तैयारी शुरू कर दी है, लेकिन विश्वविद्यालय ने परिसर में पढ़ाई को लेकर अभी कोई तैयारी नहीं की है। इसकी वजह कुलपति का शहर से किसी काम से बाहर होना बताया जा रहा है। कुलपति के आने के बाद ही पढ़ाई को लेकर …

अमृत विचार, बरेली। शासन के निर्देश पर महाविद्यालयों ने ऑफलाइन पढ़ाई की तैयारी शुरू कर दी है, लेकिन विश्वविद्यालय ने परिसर में पढ़ाई को लेकर अभी कोई तैयारी नहीं की है। इसकी वजह कुलपति का शहर से किसी काम से बाहर होना बताया जा रहा है। कुलपति के आने के बाद ही पढ़ाई को लेकर तैयारी की जाएगी। पढ़ाई की तैयारी से पहले ही छात्रावासों में विद्यार्थी पहुंचने लगे हैं। इसके चलते शनिवार को चीफ वार्डन ने सभी छात्रावासों के वार्डन के साथ बैठक की और किस तरह से कक्षों का आवंटन किया जाएगा, इसको लेकर चर्चा की।

शासन का निर्देश आते ही दूरदराज के विद्यार्थी पहले से ही बरेली पहुंच गए। ताकि वह 23 नवंबर से विश्वविद्यालय में ऑफलाइन कक्षा में शामिल हो सकें। जो विद्यार्थी कैंपस से बाहर कमरा लेकर रह रहे थे, उन्हें तो ज्यादा दिक्कत नहीं हो रही है। लेकिन जो छात्रावास में रहते थे, उन्हें दिक्कत हो रही है, क्योंकि उन्हें अभी कक्ष आवंटित नहीं हुए हैं। इसके अलावा प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी भी पहुंच गए हैं। वह कक्ष आवंटन को लेकर परेशान हो रहे हैं। शनिवार को नवीन छात्रावास में भी कुछ विद्यार्थी पहुंच गए। जिन्हें विश्वविद्यालय कहीं ठहराने का इंतजाम कर रहा है। विश्वविद्यालय पढ़ाई का शेड्यूल जारी होने के बाद विद्यार्थियों को कक्ष आवंटित करेगा।

पर्दा लगाकर एक कमरे में ठहरेंगे छात्र

शासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं कि छात्रावास में रूम शेयर नहीं किया जाएगा और कोरोना नियमों का पालन करना होगा। विश्वविद्यालय ने इसको लेकर तैयारी शुरू कर दी है। शनिवार को चीफ वार्डन योगेंद्र प्रसाद ने वार्डन विजय बहादुर, एके सिंह व अन्य के साथ बैठक की। बैठक में कहा गया कि एक कक्ष में दो छात्रों को ठहराया जाएगा। इसके लिए दो भाग तैयार किए जाएंगे, जिसे या तो पर्दा व चादर लगाकर कवर किया जाएगा या फिर प्लास्टिक की शेड लगायी जाएगी, ताकि छात्र आपस में संपर्क न कर सकें। इसके अलावा रसोई, शौचालय, व अन्य जगहों पर भी सैनेटाइजेशन की व्यवस्था को लेकर वार्ता की गई। इससे पहले एक-एक कक्ष में तीन-तीन छात्र भी रह रहे थे।

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