प्रयागराज थोक दवाओं की दुकानों में दवाओं की किल्लत, नहीं मिल रही ह्रदय रोग, बीपी, शुगर जैसी दवाइयां
प्रयागराज, अमृत विचारः महाकुंभ में प्रतिदिन आ रहे श्रद्धालुओं की भीड़ की वजह से प्रयागराज जंक्शन की ओर जा रहे लीडर रोड का रास्ता बंद किए जाने के बाद यहां स्थित दवाओं की थोक दुकानों में आवश्यक दवाओं की किल्लत हो गई है। दुकानदारों को बीच-बीच में अपनी दुकानों बंद करनी पड़ रही हैं। इलाहाबाद केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल दूबे ने बताया, “पुलिस प्रशासन द्वारा बीच बीच में जानसेन गंज और प्रयागराज जंक्शन के रास्ते पूरी तरह से बंद कर दिए जाते हैं जिससे पिछले 15 दिनों में सात-आठ दिन तक दवाओं की थोक दुकानें बंद रहीं।”
दवाएं हो रही खराब
उन्होंने बताया कि रास्ते बंद होने से 24-48 घंटे तक कूलेंट में रहने के बाद वाहनों में रखे गए इंजेक्शन और दवाएं खराब हो रही हैं। पुलिस भारी भीड़ की वजह से वाहनों को ट्रांसपोर्ट नगर ही नहीं आने दे रही है और अगर किसी तरह वाहन ट्रांसपोर्ट नगर पहुंच भी गया तो उसे यहां तक नहीं आने दिया जा रहा है। दूबे ने बताया कि पिछले 24 जनवरी से दवाओं की आपूर्ति की समस्या बनी हुई है और अब यह विकराल रूप ले रही है। उदाहरण के तौर पर मधुमेह की 400-500 तरह की दवाएं होती हैं, जिसमें से किसी मरीज को कोई दवा दी जाती है तो किसी दूसरे मरीज को दूसरी दवा दी जाती है। आपूर्ति बाधित होने से दवाओं की रेंज बनाए रखना मुश्किल है। उन्होंने बताया कि वाहनों के शहर में नहीं आने से रक्तचाप, मधुमेह, ह्रदय रोग जैसी बीमारियों के लिए आवश्यक दवाएं खत्म हो रही हैं।
हो रहा नुकासान
उन्होंने कहा, “दवाओं के इस्तेमाल की नियत तिथि (एक्सपायरी डेट) को ध्यान में रख कर हम उतनी ही दवाएं रखते हैं जितनी हम बेच सकें। माल नहीं आने से आज हर चार में से एक दवा हमारे पास उपलब्ध नहीं है। रेंज बुरी तरह से प्रभावित है। संयोग से हमारे पास माल है, लेकिन ट्रांसपोर्ट (रास्ते में) है।” दूबे ने कहा कि दुकानों में माल नहीं पहुंच पाने की वजह से दूसरे शहरों के स्टॉकिस्टों ने माल की बुकिंग लेनी बंद कर दी हैं क्योंकि उन्हें पता है कि माल प्रयागराज पहुंच ही नहीं पा रहा है। इससे आपूर्ति बहाल होने के बाद ही हफ्तों माल की किल्लत बनी रहेगी। उल्लेखनीय है कि प्रयागराज की ज्यादातर थोक दवा दुकानें लीडर रोड पर स्थित हैं और इसी रोड से ही श्रद्धालु प्रयागराज जंक्शन जाते हैं। करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए जिला प्रशासन ने वहां भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किए हैं और वाहनों का प्रवेश और निकासी रोक दी गई है।
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