आपके घर का दरवाजा खटखटाकर जांच के लिए कहे तो घबराएं नहीं! Yogi सरकार ने स्वास्थ्य सुधारने के लिए उठाया यह कदम...

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर, अमृत विचार। यदि आपकी उम्र 30 वर्ष या अधिक है और कोई आपके घर का दरवाजा खटखटाकर स्वास्थ्य जांच के लिए कहे तो घबराएं नहीं। यह विशेष रूप से प्रशिक्षित आशा वर्कर या एएनएम हो सकती हैं, जिन्हें घर-घर जाकर ब्लड प्रेशर, शुगर या मुंह, स्तन या सर्विकल कैंसर पीड़ितों की जांच करके उनका पूरा विवरण एकत्र करने का काम सौंपा गया है।

आशा वर्कर या एएनएम ऐसे रोगियों का डाटा समीपस्थ स्वास्थ्य केंद्र में देंगी। वहां जांच में संबंधित बीमारी की पुष्टि होने पर मरीज की पूरी डिटेल ई-कवच पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। प्रमुख सचिव ने सीएमओ डॉ. हरीदत्त नेमी को इस संबंध में निर्देश दिए है। 

सीएमओ ने बताया कि आशा वर्कर या एएनएम को प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि उनको ई-कवच पोर्टल पर रोगियों का डाटा भरने में दिक्कत न आए। आशा व एएनएम अपने कार्य क्षेत्र में मौजूद 30 वर्ष से अधिक उम्र के प्रत्येक व्यक्ति की हाईपरटेंशन, डायबिटीज, मानसिक रोग व कैंसर की स्क्रीनिंग करेंगी। इसके साथ ही बीमारी से ग्रस्त मरीजों को संबंधित स्वास्थ्य केंद्र से इलाज उपलब्ध कराने में मदद करेंगी।  

फॉलोअप डाटा एनपी-एनसीडी पोर्टल पर  

सीएमओ ने बताया कि मुंह, स्तन और गर्भाशय के कैंसर की जल्द पहचान करके समय पर इलाज सुनिश्चित कराना है। इसके लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, सभी स्वास्थ्य केंद्रों में राष्ट्रीय गैर-छुआछूत रोग रोकथाम और नियंत्रण कार्यक्रम का संचालन होगा। पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जांच, उपचार और फॉलोअप का डाटा प्रतिदिन एनपी-एनसीडी पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।

प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान और निदान 

हृदय रोग, मधुमेह, पुराने श्वसन रोग और कैंसर सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ी चुनौती है। इसे देखते हुए 30 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों के बीच अभियान का उद्देश्य रोग की प्रारंभिक पहचान और समय पर इलाज सुनिश्चित करना है। 

जिले के सभी मरीजों का उपलब्ध होगा डाटा 

जिले में कितने शुगर, ब्लड प्रेशर व कैंसर रोगी हैं, इसकी जानकारी अभियान के बाद ई-कवच पोर्टल पर उपलब्ध हो जाएगी, इससे निगरानी और उपचार में आसानी होगी।    

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