बहराइच: यूपी बोर्ड की परीक्षा में शामिल हुआ सजायाफ्ता कैदी, एक को इस वजह से नहीं मिली इजाजत

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Edited By Amrit Vichar
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बहराइच, अमृत विचार। बहराइच जिला कारागार में हत्या और दुष्कर्म के मामले में आजीवन करावास की सजा काट रहे कैदी को हाईस्कूल की परीक्षा के लिए अनुमति दी गई। जिस पर सोमवार को वह आयोजित परीक्षा में शामिल हुआ। जबकि अन्य कैदी को ट्रायल के चलते अदालत ने अनुमति नहीं दी।

कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम ननके उर्फ गड्ढे पुत्र राम सुधि जिला कारागार में निरुद्ध है। उसे अदालत द्वारा एक नाबालिक के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में आजीवन करावास की सजा सुनाई गई है। जेल अधीक्षक राजेश यादव ने बताया कि ननके ने जेल में रहते हुए कक्षा 10 की पढ़ाई की। परीक्षा के लिए आवेदन किया था।

आजीवन करावास की सजा पाए कैदी को शासन की ओर से बोर्ड परीक्षा में बैठने के लिए अनुमति मिल गई। जिस पर पुलिस सुरक्षा में सजायाफ्ता कैदी को रविवार को गोरखपुर भेजा गया। गोरखपुर में बने केंद्र में सजायाफ्ता कैदी ने बोर्ड की परीक्षा दी। 

अंडर ट्रायल बंदी को नहीं मिली अनुमति

जिला जेल के जेल अधीक्षक राजेश कुमार यादव ने बताया कि जेल में अंडर ट्रायल में निरुद्ध एक अन्य बंदी ने परीक्षा के लिए आवेदन किया था। लेकिन मामला ट्रायल में चलने के कारण उसे अदालत ने परीक्षा में बैठने के लिए अनुमति नहीं दी। जिसके चलते वह परीक्षा नहीं दे सका। 

जेल की लाइब्रेरी से की पढ़ाई

जेलर अजय कुमार झा ने बताया कि जेल में निरुद्ध बंदी बोर्ड परीक्षा के लिए फॉर्म भरते हैं। ननके ने फॉर्म भरा था। बोर्ड परीक्षा के लिए ननके को छूट दिया गया। जेल में स्थित लाइब्रेरी से किताब लेकर पढ़ाई की। अब उसने कक्षा 10 की परीक्षा में प्रतिभाग किया है।

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