कानपुर में 27 साल पहले हुये बवाल में एसपी के गनर की गई थी जान, कोर्ट ने चार आरोपियों को सुनाई सजा 

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Edited By Amrit Vichar
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रायपुरवा में बिजली न आने पर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे उपद्रवी

9 जनवरी 1998 की हुई थी घटना, 13 आरोपियों की हो चुकी मौत

कानपुर, अमृत विचार। रायपुरवा व चमनगंज थानाक्षेत्र में 27 साल पहले हुए उपद्रव और उपद्रवियों की गोली से तत्कालीन एसपी साउथ के गनर की हत्या के मुकदमे में फास्ट ट्रैक कोर्ट 52 के न्यायाधीश राहुल सिंह ने 45 आरोपियों को बरी कर दिया। आर्म्स एक्ट के तहत दोषी पाए गए चार आरोपियों को कोर्ट ने 3-3 साल की कैद और एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मुकदमे के विचारण के दौरान 13 आरोपियों की मौत हो चुकी है, जबकि दो आरोपितयों की फाइल अलग कर दी गई थी। 

9 जनवरी 1998 में रात के समय बिजली न आने पर धरना-प्रदर्शन कर रहे लोगों ने रायपुरवा में उपद्रव शुरू कर दिया था। भीड़ ने उग्र रूप ले लिया और चौतरफा अफरातफरी मच गई थी। चपेट में चमनगंज क्षेत्र भी आ गया था। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने लाठीचार्ज किया। जवाब में भीड़ ने पुलिस बल पर बम, गोली, पत्थर से हमला किया। उपद्रवियों की ओर से एसपी साउथ पर फायर किया गया था, लेकिन उन्हें हटाकर उनका गनर कुंवर पाल सिंह खुद सामने आ गया। गोली गनर की नाक के पास लगी। गंभीर अवस्था में गनर को हैलट ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। तत्कालीन मूलगंज थानाध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा ने मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मौके से 74 लोगों को हिरासत में लिया और न्यायालय में पेश किया। मामला अपर सत्र न्यायाधीश 52 की कोर्ट में चला। अभियोजन की ओर से 12 गवाहों को कोर्ट में पेश किया गया। मुकदमे के विचारण के दौरान 13 आरोपियों की मौत हो चुकी है, जबकि दो आरोपियों की फाइल अलग कर दी गई थी। कोर्ट ने साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर 45 आरोपियों को दोषमुक्त किया। चार को आर्म्स एक्ट में सजा के साथ जुर्माने का दंड दिया है। अधिवक्ता शकील अहमद बुंदेला ने बताया कि उन्होंने अपने 19 मुवक्किलों की तरफ से पैरवी की थी, जिन्हें कोर्ट ने दोषमुक्त किया है। 

आर्म्स एक्ट में इन्हें मिली सजा

इसरार अहमद पुत्र मुख्तार अहमद, मोहम्मद शफी पुत्र मोहम्मद जहीर, खुर्शीद आलम पुत्र मोहम्मद शमीम और मोहम्मद आसिफ पुत्र मोहम्मद अहमद हैं।

हत्या में दोषमुक्त हुये आरोपित

इसरार अहमद, खुर्शीद आलम, अहसान, अतीकुर्ररहमान, सुल्तान, अंसार, रशीद आलम, मोहम्मद लईक, मतीउल्ला, हाशिम, वसीम, चंदू, रहमत अली, अब्दुल हफीज, नूर बाबू, मोबीन अहमद, सिराज, मेराज अहमद, मेराज, रफीक अहमद, मोहम्मद फरीद, मोहम्मद हनीफ, अनीस अहमद, हनीफ अहमद, अमीर अहमद, फरीद, मोहम्मद लईक, मोहम्मद असलम, मोहम्मद शफी, मोहम्मद सलीम, रफीक, मोहम्द रईस, अकील, मोहम्मद आसिफ, अखलाख अहमद, सैय्यद अफतार, तनवीर, जमशेद आलम, नौशाद, साबिर, शाकिर, मेहताब, आफताब, सगीर अहमद और रशीद अहमद हैं।

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