बरेली: गोवंश की पूजा कर श्रद्धा के साथ मनाई गोपाष्टमी
बरेली, अमृत विचार। शहर में पूरे आस्था के साथ गोपाष्टमी मनाई गई। इस मौके पर कान्हा गोशाला समेत शहर में विभिन्न स्थानों पर कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान गोवंश की पूजा की गई। सीबीगंज स्थित कान्हा उपवन में संगठन मंत्री भवानी सिंह, मेयर उमेश गौतम, केंद्रीय मत्री संतोष गंगवार, भाजपा नेता गुलशन …
बरेली, अमृत विचार। शहर में पूरे आस्था के साथ गोपाष्टमी मनाई गई। इस मौके पर कान्हा गोशाला समेत शहर में विभिन्न स्थानों पर कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान गोवंश की पूजा की गई। सीबीगंज स्थित कान्हा उपवन में संगठन मंत्री भवानी सिंह, मेयर उमेश गौतम, केंद्रीय मत्री संतोष गंगवार, भाजपा नेता गुलशन आनंद समेत तमाम लोगों ने गोवंश की पूजा-अर्चना की और भोग प्रसाद लगाया।
संगठन मंत्री ने कहा कि गोपाष्टमी पर्व का प्रमुख उद्देश्य गो संरक्षण करना है। शास्त्रों में कहा गया है कि गाय सबकी माता है। यहां तक कि जैन, बौद्ध, सिख आदि धर्म संप्रदायों के लोग भी गाय के प्रति आदर का भाव रखते हैं। गोपाष्टमी ब्रज में एक प्रमुख सांस्कृति पर्व है। इसलिये हम सभी का दायित्व बनता है कि गाय की पूजा-अर्चना के साथ उसे बचाने का भी प्रयास करें।
इधर, गोपाष्टमी के अवसर पर सेवा भारती द्वारा शहर के मढ़ीनाथ मंदिर पर गो पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सेवा भारती के महानगर अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने गोपाष्टमी के महत्व को बताया। विशिष्ट अतिथि चन्द्रपाल आर्य ने कहा कि गोपाष्टमी का त्योहार सनातन धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है। आज की पीढ़ी को यह त्योहार मनाना चाहिए। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से महानगर शारीरिक प्रमुख शिवम् भारतीय, विनय, अमर, हरिओम, विकास सोमवंशी आदि उपस्थित रहे।
वहीं, माधव नगर में भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महानगर कार्यवाह हरीश कश्यप द्वारा गोपाष्टमी के अवसर पर महर्षि वाल्मीकि मंदिर में गोसेवा प्रमुख कौशिक टंडन द्वारा गोवंश का पूजन किया गया। अमरीश कठेरिया और उनकी पत्नी सीमा कठेरिया ने पूजा की। इस अवसर पर महानगर कार्यवाह हरीश कश्यप ने समाज हित की जानकारी दी। शिशुपाल कठेरिया, चेतन राठौर, सियाराम राठौर, विजय प्रेमी, सचिन पाठक, सीमा कठेरिया, रीना कठेरिया आदि उपस्थित रहे।
गोपाष्टमी के अनुष्ठान और महत्व
कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष के दौरान आठवें दिन गोपाष्टमी का त्योहार मनाया जाता है। यह गोवंश की पूजा और प्रार्थना करने के लिए समर्पित त्योहार है। इस दिन, लोग गोधन को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और उसके प्रति कृतज्ञता व सम्मान प्रदर्शित करते हैं। उन्हें जीवन देने वाला माना जाता है।
गोपाष्टमी के अनुष्ठान
गोपाष्टमी की पूर्व संध्या पर भक्त सुबह जल्दी उठते हैं। गायों को साफ करते हैं और स्नान कराते हैं। यह बछड़े और गायों की एक साथ पूजा करने का दिन है। पानी, चावल, कपड़े, इत्र, गुड़, रंगोली, फूल, मिठाई और अगरबत्ती के साथ गायों की पूजा की जाती है। विभिन्न स्थानों पर पुजारियों द्वारा गोपाष्टमी के लिए विशिष्ट पूजा भी की जाती है।
