ईरान के उपराष्ट्रपति जरीफ ने दिया इस्तीफा, कहा-प्रशासन की सफलता के मार्ग में आने वाली अड़चनें समाप्त होंगी

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Edited By Amrit Vichar
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तेहरान। ईरान के उप राष्ट्रपति मोहम्मद जवाद जरीफ ने पिछले साल अगस्त में अपनी नियुक्ति के बाद दूसरी बार रविवार रात को उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया है। जरीफ ने सोमवार को सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने रविवार को ईरान के न्यायपालिका प्रमुख से मुलाकात की और न्यायपालिका प्रमुख ने उनके विश्वविद्यालय लौटने की सिफारिश स्वीकार कर लिया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि उपराष्ट्रपति पद से हटने से प्रशासन की सफलता के मार्ग में आने वाली अडचनें समाप्त हो जाएंगी। 

आधिकारिक समाचार एजेंसी इरना ने बताया कि राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन को रविवार रात  जरीफ का इस्तीफा पत्र मिला, लेकिन उन्होंने अभी तक इसका जवाब नहीं दिया है। मीडिया ने बताया कि संवेदनशील व्यवसायों पर ईरान के कानून के अनुसार, जरीफ को उपराष्ट्रपति के रूप में नियुक्त करना कानून का स्पष्ट उल्लंघन माना जाता है क्योंकि उनके दो बच्चों के पास अमेरिकी नागरिकता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रशासन के कार्यकाल की शुरुआत से ही कई ईरानी सांसद इस पद पर उनकी ''अवैध'' नियुक्ति पर नज़र रेख हुए थे। पेजेशकियन ने पिछले साल अगस्त में पूर्व विदेश मंत्री ज़रीफ़ को रणनीतिक मामलों के लिए उपाध्यक्ष और सामरिक अध्ययन केंद्र का प्रमुख नियुक्त किया था। ज़रीफ़ ने अपनी नियुक्ति के 10 दिन बाद इस्तीफा दे दिया क्योंकि वह नए ईरानी प्रशासन के कैबिनेट सदस्यों का चयन करने वाली संचालन परिषद के प्रमुख के रूप में अपने काम के परिणाम से संतुष्ट नहीं थे। बाद में उन्होंने  पेजेशकियन के विवेकपूर्ण अनुवर्ती और परामर्श के बाद अपना इस्तीफा वापस ले लिया।

ईरानी सांसदों ने रविवार को भी आर्थिक मामलों और वित्त मंत्री अब्दोलनसर हेम्माती पर महाभियोग लगाया और देश की आर्थिक समस्याओं, जैसे उच्च मुद्रास्फीति और राष्ट्रीय मुद्रा के मूल्यह्रास के कारण उन्हें हटाने के पक्ष में मतदान किया।

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