Bareilly: युवक की गैर इरादतन हत्या में दो को आजीवन कारावास

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Edited By Amrit Vichar
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किला में पांच साल पहले शराब के लिए पैसे न देने पर की थी वारदात

विधि संवाददाता, बरेली। पांच साल पहले शराब के लिए पैसे न देने पर युवक की सिर में ईंट मारकर गैर इरादतन हत्या के मामले में कोर्ट ने किला के छावनी निवासी अरसी नकवी, बड़े उर्फ लल्ला उर्फ आरिफ को परीक्षण में दोषी पाया। स्पेशल जज फाॅस्ट ट्रैक कोर्ट रवि कुमार दिवाकर ने दोनों को आजीवन कारावास और प्रत्येक को 50-50 हजार रुपये की सजा सुनाई।

सरकारी वकील संतोष श्रीवास्तव और सौरभ तिवारी ने बताया कि थाना सीबीगंज के तिलियापुर निवासी अफरोज अहमद ने थाना किला में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 16 फरवरी 2020 को शाम 5 बजे उसका भाई अजमेरी अपने किसी काम से मिनी बाईपास पर गया था। वहां पर मौजूद अरसी और बड़े लल्ला ने उससे शराब के लिए पैसे मांगे और मना करने पर लल्ला ने उसे पकड़ लिया और अरसी ने ईंट उठाकर उसके सिर में मार दी। इस घटना को रईस बाबू और मुस्तकीम ने देखा और फोन पर बताया। अरसी और उसका साथी बाइक से भाग गये थे। इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। पुलिस ने इलाज के दौरान हत्या की कोशिश, धमकी देने और अजमेरी की मौत हो जाने पर गैर इरादतन हत्या में आरोप पत्र कोर्ट भेजा था। शासकीय अधिवक्ता ने नौ गवाह पेश किये।

अदालत ने दंडादेश में की मार्मिक टिप्पणी
अदालत ने दंड आदेश में उल्लेखित किया कि मृतक अजमेरी की मृत्यु अत्यंत अमानवीय तरीके से की गई है। मुल्जिमों ने अजमेरी पर जान से मारने की नीयत से एक राय होकर उसके सिर पर ईंट मारी और इलाज के दौरान 8 जून 2021 को अजमेरी की मौत हो गई। मृतक लगभग एक वर्ष चार माह तक जिंदगी मौत से लगातार लड़ता रहा। घटना की दिनांक से मृत्यु तक कोमा में रहा और उसे बेड सोल तक पड़ गये थे, यानि मृतक इतने समय तिलतिल कर मरा। न्यायालय के मतानुसार तुरंत मृत्यु होने में इतना कष्ट नहीं होता है जितना की लम्बे समय के दौरान कोमा में रहते हुए तिलतिल कर मरने से होता है।

 

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