Amethi News : विराट कवि सम्मेलन में कवियों ने बांधा समां,हास्य और ओज की सजी महफिल

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Edited By Amrit Vichar
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Amethi, Amrit Vichar :  मुसाफिरखाना तहसील क्षेत्र के नगर पंचायत मुसाफिरखाना में प्रजापति समाज द्वारा कन्या विवाह एवं भंडारे के साथ विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान क्षेत्र के प्रतिभावान बच्चों को सम्मानित करने के लिए उन्हें विभिन्न पुरस्कार भी दिए गए। भंडारे के उपरांत रात्रि में "नवांकुर अंजलि साहित्यिक आस्था परिवार" द्वारा विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर से आए कवियों ने अपनी शानदार प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

मां सरस्वती वंदना से हुआ शुभारंभ

कवि सम्मेलन की शुरुआत औरैया से आए कवि प्रदीप पंचम द्वारा मां सरस्वती की वंदना से हुई। इसके बाद अंबेडकर नगर से आए अजय उपाध्याय विभोर ने अपनी पंक्तियों..."जिस तरह हमने किए हैं जिंदगी के फैसले, इस तरह कोई अदालत भी सजा देती नहीं।"के जरिए खूब वाहवाही लूटी। उनकी इन पंक्तियों ने श्रोताओं को भावुक कर दिया। सुल्तानपुर के प्रख्यात कवि पुष्कर सुलतानपुरी ने  बेरुख नदियों को क्या मालुम,हम सागर हैं सह लेते हैं,  कौन भला इस बस्ती में, नदियों को जो भड़काता है। पढ़ श्रोताओं को सोचने पे मजबूर कर दिया। फतेहपुर से आई कवयित्री काव्या पटेल ने नारी सशक्तिकरण पर जोर देते हुए पढ़ा—"मुझको मेरी कला से पुकारा जाए,सौंदर्य से ज्यादा मुझे मेरे गुणों से निहारा जाए।"

उनकी यह कविता महिलाओं की शक्ति को दर्शाते हुए समाज को सकारात्मक संदेश देने वाली रही। वहीं, अमेठी से आई ममता सिंह ने श्रृंगार रस में डूबी अपनी कविताओं से महफिल को सरस बना दिया। सुल्तानपुर की नीतू तिवारी ने सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित कविताएं पढ़कर लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया। अयोध्या से आए ओज कवि दुर्गेश पांडेय दुर्लभ ने अपने ओजस्वी स्वर में मातृभक्ति से ओतप्रोत कविता...."ये जो चेहरे पे नूर आया है, मां की ममता से तन नहाया है।"
का पाठ कर पूरे माहौल को राष्ट्रभक्ति से भर दिया। वहीं, औरैया के प्रदीप पंचम ने अपनी प्रसिद्ध पंक्तियां—"मैं बिरला हूं, मैं मित्तल हूं, मैं अंबानी मोहब्बत का,न दूंगा प्यार में घाटा, मुझे समझो रतन टाटा।"सुनाकर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।

हास्य कवियों ने जमकर गुदगुदाया

कार्यक्रम में हास्य कवि जमुना प्रसाद अबोध और उन्नाव से आए अनुभव अज्ञानी ने अपनी हास्य रचनाओं से दर्शकों को खूब हंसाया। उनकी व्यंग्यात्मक और हास्यपूर्ण कविताओं ने सम्मेलन को मनोरंजक बना दिया।कार्यक्रम के आयोजक राजकुमार प्रजापति व संगीता प्रजापति ने आए हुए सभी कवियों, प्रजापति समाज के सदस्यों व उपस्थित सभी श्रोताओं का आभार प्रकट किया। इस अवसर पर रामराज प्रजापति, राकेश कुमार, राम पदारथ चौरसिया, अंकलेश पाठक, अनुज यादव, राजकुमार अग्रहरि, अरविंद शर्मा, रूपेश, प्रवीण शर्मा, भोला यादव, बजरंगी सहित हजारों की संख्या में श्रोता उपस्थित रहे।

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