अयोध्या: जय श्रीराम के उद्घोष के साथ आस्था की डगर पर बढ़े कदम
अयोध्या। कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के इंतजार में बेचैन श्रद्धालुओं ने तिथि लगते ही जय श्रीराम का उद्घोष किया और पुण्य लाभ अर्जन की कामना के तहत पंचकोसी परिक्रमा मार्ग पर उतर पड़े। कुछ ही देर में राम नगरी के चारों ओर एक धुंधली सी ही सही श्रद्धालुओं की एक श्रृंखला …
अयोध्या। कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के इंतजार में बेचैन श्रद्धालुओं ने तिथि लगते ही जय श्रीराम का उद्घोष किया और पुण्य लाभ अर्जन की कामना के तहत पंचकोसी परिक्रमा मार्ग पर उतर पड़े। कुछ ही देर में राम नगरी के चारों ओर एक धुंधली सी ही सही श्रद्धालुओं की एक श्रृंखला बन गई। श्रद्धालुओं के उद्घोष में अयोध्या विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से उपजा उत्साह साफ नजर आ रहा था। राम मंदिर को लेकर पारंपरिक रूप से अयोध्या में बजने वाला गाना श्रद्धालुओं और भक्तों के उत्साह को लगातार बढ़ा रहा था।
राम नगरी के ऐतिहासिक कार्तिक पूर्णिमा मेले के दूसरे पर्व को लेकर शासन प्रशासन की ओर से थोड़ी ढील दी गई है। आधिकारिक रूप से जनपद के रहने वाले लोगों को पंचकोसी परिक्रमा में शिरकत की छूट दी गई है। हालांकि गैर जनपद के श्रद्धालुओं के राम नगरी आगमन और परिक्रमा में शामिल होने पर रोक लगाई गई है। पंचकोसी परिक्रमा राम नगरी के चारों ओर लगभग 17 किलोमीटर लंबे मार्ग पर होती है। इसमें श्रद्धालु पैदल ही परिक्रमा पथ को नापते हैं।
जगह जगह श्रद्धालुओं की सेवा और सुविधा के लिए शासन प्रशासन के साथ संगठनों की ओर से शिविर और स्टाल लगाए जाते हैं। 14 कोसी परिक्रमा में जहां बहुतायत की भीड़ देहात क्षेत्र के श्रद्धालुओं की होती है वही पंचकोसी परिक्रमा में अधिक से अधिक श्रद्धालु शहरी क्षेत्र के होते हैं। पारंपरिक रूप से एकादशी तिथि पर होने वाली पंचकोसी परिक्रमा का मुहूर्त बुधवार भोर में 4:11 से शुरू हुआ जो गुरुवार 5:57 तक जारी रहेगा।
तीन जोन और एक सुपर जोन में बटा परिक्रमा मार्ग
कार्तिक पूर्णिमा मेले के दूसरे पड़ाव पंचकोसी परिक्रमा को सकुशल और शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन की ओर से पूरे परिक्रमा क्षेत्र को एक सुपर जोन और 3 जोन में बांटा गया है। जोनल अधिकारियों के नेतृत्व में 8 सेक्टर और 23 स्टैटिक मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई गई है। एहतियात के तौर पर 7 मजिस्ट्रेट आरक्षित के रूप में तैनात किया गया है। जिससे आपात स्थिति में इनकी संबंधित क्षेत्र अथवा स्थान पर तैनाती की जा सके। जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेटों के साथ इन्हीं के समकक्ष पुलिस अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। पूरे परिक्रमा क्षेत्र के प्रभारी के रूप में सुपर जोनल मजिस्ट्रेट मुख्य राजस्व अधिकारी पीडी गुप्ता को तैनात किया गया है।
जिला प्रशासन की ओर से बताया गया कि कोरोना के संक्रमण को लेकर बाहरी लोगों के आगमन और भीड़भाड़ एकत्र होने पर रोक लगाई गई है। राम नगरी तथा जिले के लोग परिक्रमा मेले में शामिल हो सकते हैं लेकिन सभी को कोविड-19 निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन करना होगा। प्रशासन की ओर से विश्रामालय, स्वास्थ्य शिविर व अन्य व्यवस्थाएं की गई है। जगह जगह कोविड-19 डेस्क बनाए गए हैं और श्रद्धालुओं की थर्मल स्कैनिंग की जा रही है। मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग पर विशेष रूप से ध्यान दिया जा रहा है। देर शाम मेला कंट्रोल रूम अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में आयोजित ब्रीफिंग में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिया गया है।
पुलिस ने चलाया सघन जांच व तलाशी अभियान
कार्तिक पूर्णिमा मेले के दूसरे पर पंचकोसी परिक्रमा को सकुशल और शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए पुलिस महकमे ने कमर कस ली है। परिक्रमा की पूर्व संध्या पर पुलिस विभाग की ओर से साग्निक स्थानों पर सघन जांच और तलाशी अभियान चलाया गया राम नगरी के चारों ओर विभिन्न मार्गों पर सक्रिय किए गए 13 पिकेट और बैरियरों पर पुलिसकर्मियों को सभी की जांच व तलाशी का निर्देश दिया गया है।
भीड़भाड़ के दबाव को रोकने और सोशल डिस्टेंसिंग को मेंटेन करने के लिए एक्सेस कंट्रोल के माध्यम से सभी चौराहों व कट्स को बंद कर दिया गया है। देर शाम पुलिस उपमहानिरीक्षक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार ने ड्यूटी में लगाए गए अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक ब्रीफिंग भी सभी को सख्त हिदायत दी गई है कि कोविड प्रोटोकाल के अनुपालन में किसी तरह की ढिलाई न बरती जाए। एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि गैर जनपद से आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि वह कोरोनावायरस के संक्रमण को लेकर रामनगरी और परिक्रमा मेले में न आए।
