बरेली: देश विरोधी ताकतों को रोकने के लिए मजबूत संविधान की जरूरत
बरेली, अमृत विचार। आतंकवाद, लव जिहाद और देश विरोधी ताकतों को रोकने के लिए एक मजबूत सरकार और संविधान की आवश्यकता है। वर्तमान में सरकार इसके लिए प्रयासरत है कि विधि का पालन, उनका निर्माण और निर्वाचन तीनों ही जन कल्याण के लिए किया जाएं। यह बातें रुहेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा संविधान दिवस पर आयोजित वेबिनार …
बरेली, अमृत विचार। आतंकवाद, लव जिहाद और देश विरोधी ताकतों को रोकने के लिए एक मजबूत सरकार और संविधान की आवश्यकता है। वर्तमान में सरकार इसके लिए प्रयासरत है कि विधि का पालन, उनका निर्माण और निर्वाचन तीनों ही जन कल्याण के लिए किया जाएं। यह बातें रुहेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा संविधान दिवस पर आयोजित वेबिनार में मुख्य अतिथि गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के विधि विभाग के डायरेक्टर प्रोफेसर एसके सिंह ने कहीं। वह भोज विश्वविद्यालय भोपाल के पूर्व कुलपति भी रह चुके हैं।
गुरुवार को संविधान दिवस पर आयोजित वेबिनार का विषय ‘संविधान की लोकतंत्र एवं न्याय की रक्षा में भूमिका’ था। जिसमें मुख्य अतिथि ने कहा कि जनता के जनमत को सर्वोच्च वरीयता दी जानी चाहिए। संविधान भी एक तरह का जनादेश ही है, जो जनता में अपने चुने हुए प्रतिनिधियों के माध्यम से बनाया था।
वेबिनार के दूसरे वक्ता अयोध्या के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. सुनील कुमार सिंह ने न्यायालय के विसम्मत निर्णय पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि न्यायालय अपने निर्णय में जनता के ऊपर पड़ने वाले प्रभाव, उनकी न्यायालय से अपेक्षा, न्यायालय के सामने उपस्थित दस्तावेज आदि सभी पर ध्यान देकर निर्णय सुनाता है। राम जन्मभूमि वाद में माननीय उच्चतम न्यायालय का निर्णय जो रामलला विराजमान के पक्ष में दिया गया है, वह उपलब्ध साक्ष्यों एवं जन अपेक्षा पर पूर्णतया खरा है। उन्होंने पिछले 70 वर्षों के उच्चतम न्यायालय के महत्वपूर्ण वादों पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी एवं विधि के जिज्ञासु लोग दिल्ली, इलाहाबाद, लखनऊ बिजनौर, मुरादाबाद आदि सभी शहरों से जुड़े रहे। डॉ. अजय सिंह (इलाहाबाद विश्वविद्यालय से), डा. संतोष सिंह, लखनऊ विश्वविद्यालय से डॉ. सुनीता राठौर, नई दिल्ली से समाजसेवी कविता सिंह आदि सक्रिय रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. कामिनी विश्वकर्मा, असिस्टेंट प्रोफेसर विधि विभाग, रुहेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के आयोजन में एलएलएम के विद्यार्थियों मानसी शुक्ला एवं मोहम्मद अमान ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के अंत में संविधान की शपथ डॉ. अमित सिंह द्वारा दिलाई गई एवं धन्यवाद प्रस्ताव डा. अशोक कुमार द्वारा दिया गया।
