सत्ता में आने पर किसान विरोधी तीनों कानूनों को रद्दी की टोकरी में फेंक देंगे: कांग्रेस
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा है कि केंद्र की सत्ता में आने पर हाल में पारित किसान विरोधी तीनों कानूनों को फाड़ कर रद्दी की टोकरी में डाल देंगे। कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख रणदीप सिंह सुरजेवाला ने शुक्रवार को कहा …
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा है कि केंद्र की सत्ता में आने पर हाल में पारित किसान विरोधी तीनों कानूनों को फाड़ कर रद्दी की टोकरी में डाल देंगे। कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख रणदीप सिंह सुरजेवाला ने शुक्रवार को कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने वादा किया है कि कांग्रेस जब केंद्र की सत्ता सम्भालेगी तो वह सबसे पहले किसान विरोधी इन तीनों कानूनों को खत्म करेगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस शुरू से इन तीनों कानूनों का विरोध करती रही है। इन कानूनों का विरोध करने के कारण संसद में उसके सांसदों को निलंबित तक होना पड़ा है। जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकारें हैं वहां किसानों को इन कानूनों के कारण नुकसान नहीं हो इसलिए उनकी सुरक्षा के लिए अलग कानून बनाया जा रहा है।
प्रदर्शनकारी किसानों से मुलाकात के लिए पानीपत पहुंचे वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरजेवाला ने कहा, ”यह राजनीतिक लड़ाई नहीं है। यह रोजी-रोटी और खेती के लिए लड़ाई है। कांग्रेस और सभी विपक्षी दल किसानों के साथ खड़े हैं। इसके लिए हमें जो भी कुर्बानी देनी पड़ेगी, वो हम देंगे।”
उन्होंने इस बात पर जोर दिया, ”किसान को न्यूनतम समर्थन दीजिए, हम आपकी तारीफ करेंगे। लेकिन किसान को लाठियां मारेंगे, आंसू गैस के गोल छोड़ेंगे, पानी की बौछार मारेंगे तो इसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। अगर किसान ने रोटी पैदा करना छोड़ दिया तो दिल्ली का दरबार ध्वस्त हो जाएगा।”
उधर, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने ट्वीट कर कहा कि, ”किसानों की आवाज दबाने के लिए पानी बरसाया जा रहा है, सड़कें खोदकर रोका जा रहा है लेकिन सरकार उनको ये दिखाने और बताने के लिए तैयार नहीं है कि एमएसपी का कानूनी हक होने की बात कहां लिखी है। एक देश, एक चुनाव की चिंता करने वाले प्रधानमंत्री जी को एक देश, एक व्यवहार भी लागू करना चाहिए।”
