पीलीभीत: 2162 हेक्टेयर घटा हरियाली का दायरा, मंत्रालय से भेजी गई रिपोर्ट के बाद खलबली 

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Edited By Amrit Vichar
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पीलीभीत, अमृत विचार: वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से आई एक रिपोर्ट चौकाने वाली है। इस रिपोर्ट में पीलीभीत में 2162 हेक्टेयर हरियाली का दायरा कम होने की बात कही गई है। रिपोर्ट आने के बाद वन महकमे में खलबली मची हुई है। फिलहाल जनपद में हुए इस लॉस की वास्तविक हकीकत जानने की कवायद शुरू होने वाली है। इसके लिए जल्द ही एक खास मोबाइल एप की मदद से वन अफसर संबंधित क्षेत्रों की ग्राउंड ट्रूथिंग करेंगे।

देशभर में हरियाली को लेकर पिछले दिनों फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया (एफएसआई) की ओर से एक रिपोर्ट जारी की गई है। हालांकि प्रदेश के लिहाज से यह रिपोर्ट अच्छी है, मगर इस रिपोर्ट में कुछ चिंताजनक पहलू भी हैं। इसमें प्रदेश के 28 जिले ऐसे भी हैं जहां ग्रीन कवर कम हुआ है। इसमें पीलीभीत और लखीमपुर खीरी में बड़े पैमाने पर ग्रीन कवर कम होने की बात कही गई है। पीलीभीत की बात करें तो एफएसआई रिपोर्ट के मुताबिक यहां 21.61 वर्ग किमी यानी 2162 हेक्टेयर फॉरेस्ट कवर कम पाया गया है। 

फिलहाल इस सबको लेकर जिम्मेदारों पर उंगलियां उठने लगी हैं। इसकी वजह भी है क्योंकि यहां पहले से ही घने जंगल और टाइगर रिजर्व भी हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि यहां फारेस्ट कवर कैसे कम हुआ। फिलहाल वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से रिपोर्ट आने के बाद इसकी तह में जाने की कवायद शुरू की गई है।

शासन के निर्देश पर पीलीभीत में कम होते फारेस्ट कवर हकीकत जानने के लिए ग्राउंड ट्रूथिंग कराई जाएगी। इसमें वन अफसरों द्वारा आर्क मोबाइल एप के माध्यम से उन क्षेत्रों की पड़ताल की जाएगी, जहां रिपोर्ट में फारेस्ट कवर कम होना दर्शया गया है। वन महकमे के मुताबिक ग्राउंड ट्रूथिंग पीलीभीत टाइगर रिजर्व समेत सामाजिक वानिकी क्षेत्र में कराई जाएगी। इसको लेकर दोनों प्रभागों के वन अफसरों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।

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