बरेली: खनन पर भाजपा पार्षद और चौकी इंचार्ज में मारपीट
बरेली,अमृत विचार। इज्जतनगर के नगरिया परीक्षित में खनन को लेकर भाजपा पार्षद महेश राजपूत और बैरियर वन चौकी इंचार्ज कपिल कुमार में मारपीट हो गई। पार्षद ने चौकी इंचार्ज कपिल पर घर में घुसकर उनके व उनकी पत्नी व मां के साथ मारपीट का आरोप लगा है। पार्षद का आरोप है कि उन्होंने चौकी एरिया …
बरेली,अमृत विचार। इज्जतनगर के नगरिया परीक्षित में खनन को लेकर भाजपा पार्षद महेश राजपूत और बैरियर वन चौकी इंचार्ज कपिल कुमार में मारपीट हो गई। पार्षद ने चौकी इंचार्ज कपिल पर घर में घुसकर उनके व उनकी पत्नी व मां के साथ मारपीट का आरोप लगा है।
पार्षद का आरोप है कि उन्होंने चौकी एरिया में खनन की शिकायत पुलिस अधिकारियों से की थी जिसके चलते मारपीट की गई है। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनके घर में रखी कुर्सियां तोड़ दीं और सोफा पलट दिया। वहीं, चौकी इंचार्ज ने पार्षद व उसके परिजनों पर मारपीट करने व वर्दी फाड़ने का आरोप लगाया है।
पार्षद के घर हमले की खबर पर मेयर डा. उमेश गौतम और शहर विधायक डा. अरुण कुमार समेत कई भाजपा नेता व कार्यकर्ता पार्षद के घर पहुंचे। वहां से एडीजी, डीआईजी और प्रभारी एसएसपी को फोन कर चौकी इंचार्ज को सस्पेंड करने की मांग की।
प्रभारी एसएसपी ने चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर कर दिया है और सीओ तृतीय को मामले की जांच दी है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में चौकी इंचार्ज ने पार्षद और पार्षद की पत्नी ने चौकी इंचार्ज व सिपाहियों के खिलाफ तहरीर दी है। मामले की शिकायत बरेली के प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा से भी फोन पर की गई है।
महेश राजपूत, नगरिया परीक्षित वार्ड नंबर 51 के पार्षद हैं। महेश ने बताया कि उनके एरिया में चौकी इंचार्ज कपिल अवैध खनन कराते हैं। उन्होंने इसकी एक वीडियो भी बनाई थी जिसमें खनन की ट्रैक्टर-ट्रालियां रात में निकल रही हैं। उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस अधिकारियों से की थी। मामले की जांच सीओ तृतीय श्वेता कुमारी को सौंपी गई थी। इस मामले में मंगलवार को सीओ के यहां बयान होने थे। इससे पहले ही चौकी इंचार्ज उन पर समझौते का दबाव बना रहे थे।
मंगलवार को वह घर के पास में ही गए हुए थे। घर में उनकी पत्नी रानी और मां मौजूद दीं। रानी ने बताया कि दोपहर में 1 बजे चौकी इंचार्ज कपिल दो सिपाहियों के साथ आए और दरवाजा खुलवाया। दरवाजा खोलते ही चौकी इंचार्ज ने पूछा कि पार्षद कहां हैं तो उन्होंने बाहर जाने की बात कही। उसके बाद पार्षद ने गाली-गलौज शुरू कर दी। तेरे पति ने अधिकारियों से मेरी शिकायत की है। जो खनन की शिकायत की है, उसे वापस ले, नहीं तो उसकी हाथ-पैर तोड़ दूंगा। जब उन्होंने गाली देने का विरोध किया तो हाथापाई की। इस दौरान उनकी सास आयीं तो उन्हें भी धक्का दे दिया।
आरोप है कि चौकी इंचार्ज ने उन्हें जमीन पर पटक दिया। इस दौरान उनके पति आ गए तो उन्होंने विरोध किया तो उन्हें जबरन खींचकर ले जाने लगे। उसके बाद पुलिसकर्मियों ने घर में तोड़फोड़ शुरू कर दी। चौकी इंचार्ज ने धमकी दी कि उसे पुलिस के खिलाफ शिकायत करने का एहसास करा देगा और उसे झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेज देगा। उन्हें चौकी इंचार्ज से जान का खतरा बना हुआ है।
चौकी इंचार्ज ने पुलिस अधिकारियों को पार्षद द्वारा पिटाई की सूचना दी। इसके बाद मौके पर सीओ तृतीय श्वेता कुमारी को जांच के लिए भेजा गया। इस दौरान एसपी सिटी भी वहां पहुंच गए और उन्होंने फोर्स तैनात करने की बात कही। इस पर भाजपा नेता नाराज हो गए। उसके बाद नेताओं के फोन अधिकारियों के पास घनघनाने लगे। मेयर ने एडीजी, डीआईजी व प्रभारी एसएसपी को फोन किया और पार्षद को निर्दोष बताया।
मामले को तूल पकड़ता देख प्रभारी एसएसपी डा. संसार सिंह भी बैरियर वन चौकी पर पहुंचे। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी लेकर अधिकारियों को रिपोर्ट दी। जब भाजपा नेताओं को पुलिसकर्मियों द्वारा पार्षद के साथ मारपीट की सूचना मिली तो मेयर, शहर विधायक, पार्षद सतीश चंद्र सक्सेना कातिब, पार्षद अवनीश, विशाल मल्होत्रा व अन्य बीजेपी के नेता व कार्यकर्ता पहुंच गए।
मेयर ने अधिकारियों को फोन कर तुरंत चौकी इंचार्ज को सस्पेंड करने और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। विधायक अरुण कुमार ने भी अधिकारियों को फोन कर सस्पेंड करने की मांग की। वहां मौजूद लोग चौकी एरिया में खनन के साथ-साथ कई तरह की अवैध गतिविधियों की शिकायत करने लगे।
एसपी सिटी के प्रति दिखी नाराजगी
लोग एसपी सिटी को लेकर काफी नाराज दिख रहे थे। उनका कहना था कि एसपी सिटी ने जिस तरह से फोर्स तैनात करने की बात कही, उससे तो लग रहा है कि पार्षद बहुत बड़े अपराधी हैं। लोगों का कहना था कि एसपी सिटी की वजह से ही किला में माहौल खराब हुआ था और यहां भी माहौल गरमा गया। पुलिस अधिकारियों का बयान आया है कि चौकी इंचार्ज मामले की जांच करने पार्षद के घर गए थे, जहां पर उनके साथ मारपीट की गई और वर्दी फाड़ दी गई लेकिन सवाल खड़ा होता है कि जब मामले की जांच सीओ कर रही थीं और शिकायत चौकी इंचार्ज के खिलाफ थी तो वह जांच करने कैसे गए।
“जब शिकायतकर्ता पार्षद हैं तो फिर चौकी इंचार्ज उनके घर में क्यों गए। क्या पार्षद अपराधी हैं , जो उनके घर चौकी इंचार्ज दबिश देने पहुंच गए। उनका कहना है कि सरकार महिलाओं के लिए ऑपरेशन शक्ति चला रही है लेकिन जब पुलिसकर्मी ही महिलाओं के साथ इस तरह का व्यवहार करेंगे तो फिर अन्य महिलाओं के साथ क्या होगा।” -डा. उमेश गौतम, मेयर
“चौकी एरिया में खनन की शिकायत पर चौकी इंचार्ज ने पार्षद से मारपीट की। इस तरह से पार्षद पर हमला होगा तो आम जनता कहां जाएगी। उन्होंने प्रभारी एसएसपी से फोन पर कहा कि इस तरह की ज्यादती बर्दास्त नहीं की जाएगी। प्रभारी एसएसपी ने चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर कर दिया है।” -डा. अरुण कुमार, विधायक शहर
“चौकी इंचार्ज पार्षद के घर जांच के लिए गए थे, जिसमें मारपीट की। वहीं दूसरे पक्ष ने खनन की शिकायत पर चौकी इंचार्ज पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है। प्रथम दृष्टया चौकी इंचार्ज की लापरवाही के चलते उन्हें लाइन हाजिर किया गया है। सीओ तृतीय को जांच सौंपी गई है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।” -डा. संसार सिंह, प्रभारी एसएसपी बरेली
