…कहीं अवैध संबंधों के विरोध में तो नहीं हुई मंजू की हत्या
मुरादाबाद,अमृत विचार। मंजू की हत्या के मामले में भले ही मायके वालों की तहरीर पर मझोला थाने में दहेज हत्या का मामला दर्ज किया गया हो लेकिन मायके वाले के बयान कुछ और ही हकीकत बयां कर रहे हैं। उनके बयानों से साफ जाहिर हो रहा है कि मंजू की हत्या अवैध संबंधों का विरोध …
मुरादाबाद,अमृत विचार। मंजू की हत्या के मामले में भले ही मायके वालों की तहरीर पर मझोला थाने में दहेज हत्या का मामला दर्ज किया गया हो लेकिन मायके वाले के बयान कुछ और ही हकीकत बयां कर रहे हैं। उनके बयानों से साफ जाहिर हो रहा है कि मंजू की हत्या अवैध संबंधों का विरोध करने पर की गई है।
मंजू की मां रूपवती चीख-चीखकर पुलिस वालों के सामने कह रही थी कि जीतेंद्र के अपने गांव में ही रहने वाली भाभी से संबंध थे। मंजू को इसकी जानकारी हुई तो उसने विरोध करना शुरू कर दिया। जिस पर जीतेंद्र ने उसका उत्पीड़न करना शुरू कर दिया। मायके वाले तो जीतेंद्र के साथ ही उसकी भाभी पर भी मंजू का गला घोंटकर हत्या करने का आरोप लगा रहे थे।
15 दिन पहले मंजू को मायके से लेकर आया था जीतेंद्र
मां रूपवती ने रोते हुए बताया कि मंजू की शादी करीब दो साल पहले हुई थी। विवाह के कुछ समय बाद ही मंजू को पति के अवैध संबंधों की जानकारी हो गई। इसका विरोध करने के साथ ही उसने मायके वालों को भी बताया। रूपवती के अनुसार उसने भी कई दफा जीतेंद्र को समझाया लेकिन वह नहीं माना। इस बीच मंजू गर्भवती हो गई, आरोप है कि इसके बाद भी वह अक्सर मंजू के साथ मारपीट करता रहता।
रक्षाबंधन से पहले मंजू को इस कदर मारा कि गर्भवती मंजू के पेट में ही बच्चा मर गया। मरी बेटी होने के बाद रक्षाबंधन के मौके पर मंजू को मायके ले गए। तब से वह मायके में ही रह रही थी। रूपवती के अनुसार दिवाली के दो दिन बाद जीतेंद्र ससुराल आया और अपनी गलती मानने लगा। भरोसा दिया कि वह कभी मंजू के साथ मारपीट नहीं करेगा और अपने सभी संबंध खत्म कर लेगा। भरोसा होने पर उन्होंने भैयादूज के बाद मायके वालों ने मंजू को जीतेंद्र के साथ ससुराल भेज दिया था।
भागो यहां से, इंतजाम करके मारा है
गागन की मैनाठेर स्थित मंजू की ससुराल पहुंची मां रूपवती और अन्य मायके वालों ने जीतेंद्र की बहन पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि बहन ने यहां से सभी को भगाने की धमकी दी। मायके वालों का दावा है कि उसका कहना था कि हमारा कुछ नहीं हो सकता, सभी इंतजाम करके मंजू को मारा है। जिस पर मायके वाले बिफरे तो जीतेंद्र की बहन धमकाते हुए चली गई। इसके बाद से गांव में रहने वाले जीतेंद्र के सभी परिजन फरार हो गए।
पुलिस तो दूर पड़ोसी भी नहीं पचा पा रहे थे जीतेंद्र की कहानी
वारदात के बाद जब जीतेंद्र ने शोर मचाया तो आसपड़ोस रहने वाले तमाम लोग मौके पर आ गए। लोग आए तो मंजू का शव जमीन पर पड़ा था और जीतेंद्र टहल रहा था। केवल बक्शे का सामान बिखरा पड़ा था, जबकि अलमारी का ताला बंद था। सभी बर्तन भी जस के तस रखे हुए थे। ग्रामीणों ने पूछा तो जीतेंद्र डकैती का विरोध करने पर मंजू की हत्या करने की बात कहने लगा। पूछने पर उसने बताया कि बदमाशों ने हाथ-पैर बांध दिए थे। ग्रामीणों ने जब पूछा कि हाथ-पैर कैसे खोले तो वह सही जवाब नहीं दे सका। इतना ही नहीं रस्सी व कपड़ा भी नहीं दिखा सका, जिससे हाथ-पैर बांधे गए थे। लिहाजा पुलिस तो दूर ग्रामीण तक उसकी कहानी को नहीं पचा पा रहे थे। पुलिस ने जब पड़ोसियों से पूछताछ की तो उन्होंने दबीं जुबां पर जीतेंद्र पर ही हत्या करने का शक जताया।
