दोषी को सात वर्ष का कठोर कारावास : आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का मामला 

Amrit Vichar Network
Published By Vinay Shukla
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अदालत का फैसला : कोर्ट ने भदोखर थाना क्षेत्र से जुड़े आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के मामले में दोषसिद्ध होने पर एक आरोपी को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 12 हजार रूपए अर्थदंड भी लगाया है। वहीं पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में दो आरोपियों को बरी कर दिया।यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायालय स्थित एफटीसी संख्या तीन के अपर सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार वर्मा ने सुनाया।

अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) अवधेश कुमार पांडेय के मुताबिक मामले की रिपोर्ट भदोखर थाना क्षेत्र के सांडबरा निवासी संतोष ने दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार गांव के अविनाश उर्फ मिंटू, उसके भाई अरविंद व भाभी डालू ने वादी की बेटी से कुछ टीका टिप्पणी कर उसका उपहास उड़ाया।इसी से आहत होकर वादी की बेटी ने 30 अप्रैल 2022 की शाम करीब साढ़े पांच बजे अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

पुलिस ने विवेचना के बाद अविनाश उर्फ मिंटू,अरविंद व डालू उर्फ श्रुति के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर अविनाश को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने व धमकाने का दोषी पाए जाने पर कैद व अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में आरोपी अरविंद व डालू उर्फ श्रुति को बरी कर दिया।

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