मुरादाबाद: कोरोना के डर से सिर्फ एक चौथाई विद्यार्थी ही पहुंच रहे स्कूल

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मुरादाबाद,अमृत विचार। माध्यमिक विद्यालयों के खुलने के डेढ़ महीने बाद भी छात्र-छात्राओं की संख्याओं में बढ़ोत्तरी नहीं हो सकी है। कोरोना संक्रमण के चलते अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से घबरा रहे हैं। ऐसे में विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की संख्या 20 से 25 फीसदी ही बनी हुई है। शासनादेश के बाद भी अक्टूबर माह में …

मुरादाबाद,अमृत विचार। माध्यमिक विद्यालयों के खुलने के डेढ़ महीने बाद भी छात्र-छात्राओं की संख्याओं में बढ़ोत्तरी नहीं हो सकी है। कोरोना संक्रमण के चलते अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से घबरा रहे हैं। ऐसे में विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की संख्या 20 से 25 फीसदी ही बनी हुई है।

शासनादेश के बाद भी अक्टूबर माह में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी को लेकर कक्षा से 12वीं तक के लिए विद्यालयों को खोला गया है। जहां दो पालियों में कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। कुछ विद्यालयों में तो छमाही परीक्षा भी संचालित हो चुकी हैं। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि उन्हीं बच्चों को विद्यालय आने की अनुमति है, जिसके अभिभावक ने पढ़ाई-लिखाई को भेजने के लिए लिखित में अनुमति दी है।

वहीं विद्यालय खुलने के डेढ़ महीने बाद भी बच्चों की उपस्थिति न के बराबर है। कोरोना के चलते अभिभावक बच्चों को विद्यालय भेजने में रूचि नहीं ले रहे हैं। शासनादेश से जारी कार्ययोजनाओं के तहत दिसंबर व जनवरी माह में 10वीं और 12वीं की प्री बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो जाती हैं। बोर्ड परीक्षाओं को लेकर शिक्षक, अभिभावक और छात्र-छात्राओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि परीक्षाएं आनलाइन होनी है या आफलाइन मोड पर, साथ ही परीक्षा की रुपरेखा को लेकर भी असमंजस बना हुआ है। जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप कुमार द्विवेदी ने बताया कि बच्चों की तैयारी बोर्ड परीक्षा के लिए सभी नजरिए को देखते हुए कराई जा रही है।

संक्रमण के दौर में भले ही विद्यालयों को खुले हुए डेढ़ माह से अधिक का समय हो गया हो, मगर छात्र-छात्राओं की संख्या गिनती भर ही बनी हुई है। बच्चों को बोर्ड की परीक्षाओं के लिए तैयार किया जा रहा है।-हेमंत कुमार झा, प्रधानाचार्य, आर्यंस इंटरनेशनल स्कूल

बच्चों को उनके अभिभावकों की लिखित अनुमति मिल जाने के बाद ही स्कूल में बुलाया जा रहा है। आफलाइन और आनलाइन दोनों ही तरीकों से बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। फिलहाल तो बच्चों की छमाही परीक्षाएं चल रही हैं। वहीं शासन की ओर से कार्यक्रम जारी होने के बाद ही बोर्ड की परीक्षाएं कराई जाएंगी।-सुनीता डी सिंह, मैथोडिस्ट गर्ल्स इंटर कॉलेज

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