बरेली: पार्षद से मारपीट के आरोप में चौकी इंचार्ज निलंबित

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बरेली, अमृत विचार। इज्जतनगर के नगरिया परीक्षित में भाजपा पार्षद महेश राजपूत के साथ मारपीट करने के आरोपी बैरियर वन चौकी इंचार्ज कपिल कुमार को डीआईजी राजेश कुमार पांडेय ने सस्पेंड कर दिया है। डीआईजी ने सीओ सिटी तृतीय श्वेता कुमारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की है। पुलिस अधिकारियों के पास …

बरेली, अमृत विचार। इज्जतनगर के नगरिया परीक्षित में भाजपा पार्षद महेश राजपूत के साथ मारपीट करने के आरोपी बैरियर वन चौकी इंचार्ज कपिल कुमार को डीआईजी राजेश कुमार पांडेय ने सस्पेंड कर दिया है। डीआईजी ने सीओ सिटी तृतीय श्वेता कुमारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की है। पुलिस अधिकारियों के पास एक वीडियो पहुंचा है जिसमें चौकी इंचार्ज पहले पार्षद पर हाथ उठाते हैं। मामले में अभी जांच जारी है और जांच के बाद रिपोर्ट भी दर्ज की जा सकती है।

बता दें कि मंगलवार को खनन के मामले की जांच को लेकर चौकी इंचार्ज कपिल कुमार पार्षद महेश गौतम के घर गए थे। यहां पार्षद और चौकी इंचार्ज में झगड़ा हो गया था। दोनों ने एक दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाया था।

पार्षद के पक्ष में मेयर डा. उमेश गौतम, शहर विधायक डा. अरुण कुमार व अन्य भाजपा नेता पहुंच गए थे। उन्होंने अधिकारियों को फोन कर चौकी इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद मामले को शांत करने के लिए सीओ तृतीय को जांच देकर चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर कर दिया गया था। इस मामले में सीओ की जांच के बाद डीआईजी ने चौकी इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया।

पुलिस अधिकारियों के पास जो वीडियो पहुंचा है उसमें चौकी इंचार्ज के हाथ में एक फाइल है जिसमें एक प्रार्थना पत्र है। उनके साथ दो सिपाही भी हैं। यह प्रार्थना पत्र चौकी इंचार्ज के खिलाफ पार्षद ने दिया था। वीडियो में चौकी इंचार्ज और पार्षद के बीच बहस हो रही है जिसमें चौकी इंचार्ज धमका रहे हैं कि उन्होंने शिकायत क्यों की। इसके बाद गर्मा-गर्मी होती है और चौकी इंचार्ज गुस्से में आकर पार्षद को पकड़ने की कोशिश करते हैं।

इसके बाद पार्षद के परिजन आ जाते हैं और फिर धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू हो जाती है। इस मामले में सिपाही सिर्फ वीडियो बनाते रहते हैं लेकिन कोई भी बीच-बचाव नहीं करते हैं। इसकी वजह से सिपाहियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।

जब अधिकारियों ने चौकी इंचार्ज से पूछा था कि किस प्रार्थना पत्र की जांच करने गए थे तो उस प्रार्थना पत्र पर किसी भी अधिकारी ने मार्क नहीं किया था। यहां तक कि थाना प्रभारी ने मौखिक रूप से भी नहीं कहा था। इसमें भी लापरवाही चौकी इंचार्ज की देखी गई जिसके चलते उसे सस्पेंड कर दिया गया।

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