सरकार और किसानों की बातचीत फिर बेनतीजा, अगली बैठक 5 को

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

नई दिल्ली। तीन केंद्रीय मंत्रियों के साथ आंदोलनकारी किसानों के प्रतिनिधिमंडल की बैठक बृहस्पतिवार को बेनतीजा रही। लगभग आठ घंटे चली इस बैठक में किसान नेता नए कृषि कानूनों को रद्द करने पर जोर देते रहे। इस दौरान उन्होंने सरकार की तरफ से उपलब्ध कराये गये दोपहर का भोजन, चाय और पानी की पेशकश को …

नई दिल्ली। तीन केंद्रीय मंत्रियों के साथ आंदोलनकारी किसानों के प्रतिनिधिमंडल की बैठक बृहस्पतिवार को बेनतीजा रही। लगभग आठ घंटे चली इस बैठक में किसान नेता नए कृषि कानूनों को रद्द करने पर जोर देते रहे। इस दौरान उन्होंने सरकार की तरफ से उपलब्ध कराये गये दोपहर का भोजन, चाय और पानी की पेशकश को भी ठुकरा दिया।

सरकार ने अपनी ओर से लगभग 40 किसान नेताओं के समूह को आश्वासन दिया कि उनकी सभी वैध चिंताओं पर ध्यान दिया जाएगा, लेकिन दूसरे पक्ष ने कानूनों में कई खामियों और गड़बड़ियों को सामने रखा। इन कानूनों के बारे में किसान नेताओं का कहना था कि इन्हें जल्दबाजी में सितंबर में पारित किया गया।

कृषि मंत्रालय ने ट्वीट कर जानकारी दी कि किसानों की शंकाओं को कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने दूर किया। तोमर किसानों के साथ बातचीत में सरकार की अगुवाई कर रहे हैं। तोमर ने बाद में संवाददाताओं से कहा कि अगली बैठक शनिवार को दोपहर दो बजे होगी। एक सरकारी सूत्र ने कहा कि बैठक शनिवार को फिर से शुरू होगी क्योंकि समय की कमी के कारण आज की बैठक में किसी अंतिम निर्णय पर नहीं पहुंचा जा सका।

नारेबाजी करते हुए सभा स्थल से बाहर आए किसान नेताओं ने कहा कि वार्ता में गतिरोध बना हुआ है। इन किसान नेताओं में से कुछ ने धमकी दी कि बृहस्पतिवार की बैठक में कोई समाधान नहीं निकला तो आगे की बैठकों का बहिष्कार किया जायेगा।

बैठक में उपस्थित 40 किसान नेताओं ने सरकार की तरफ से पेश दोपहर के भोजन को लेने से इनकार कर दिया और सिंघू बार्डर से एक वैन में लाये गये भोजन को खाना पसंद किया, जहां उनके हजारों सहयोगी नए कृषि कानूनों के विरोध में बैठे हैं। उन्होंने बैठक के दौरान चाय और पानी की पेशकश को भी स्वीकार नहीं किया।

सरकार ने कृषि सुधार कानूनों में संशोधन का संकेत दिया: किसान यूनियन
किसान संगठनों ने दावा किया है कि सरकार ने तीनों कृषि सुधार कानूनों में संशोधन का संकेत दिया है। किसान संगठन और सरकार के साथ गुरुवार को हुई बैठक के बाद किसान संगठनों के नेताओं कहा कि सरकार ने कृषि सुधार कानूनों में संशोधन का आश्वासन दिया है। वे इन तीनों कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। किसान नेताओं ने कहा कि वे अपनी मांगें माने जाने तक आंदोलन जारी रखेंगे।

राजस्थान में किसानों ने कई स्थानों पर चक्काजाम किया
जयपुर। राजस्थान के कई इलाकों में किसानों ने केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन और चक्काजाम किया। इससे जयपुर-दिल्ली मार्ग सहित अनेक सड़कों पर आवागमन बाधित हुआ। किसान संगठनों ने दोपहर दो बजे तक चक्काजाम किया। राजधानी जयपुर में किसान संघर्ष संयुक्त समन्वय समिति की अगुवाई में किसानों ने सूरजपोल मंडी के सामने चक्काजाम किया।

संबंधित समाचार